पटनाः बिहार राज्य महिला आयोग के सामने पारिवारिक विवाद के कई मामले ऐसे आ रहे हैं, जो पारिवारिक रिश्ते को तार-तार होने के संकेत दे रहे हैं। ताजा मामला ऐसा आया है, जिसमें पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति उनकी निजी और बेडरूम से जुड़ी बातें अपने मौसा के साथ साझा करता है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है। इस बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। महिला का यह भी कहना है कि जब उसने सैनिटरी पैड खरीदने के लिए पति की जेब से 100 रुपये निकाले, तो उसे चोर तक कह दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि उनकी शादी दिसंबर 2022 में हुई थी। पति असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर कार्यरत है। शादी के शुरुआती छह महीने सामान्य रहे, लेकिन इसके बाद पति और उसके परिजनों की ओर से दहेज को लेकर प्रताड़ना शुरू हो गई। पीड़िता के अनुसार, ससुराल वालों ने उससे 20 लाख रुपये की मांग की और गर्भवती होने पर गर्भपात कराने का दबाव भी बनाया।
महिला का कहना है कि जब उसने दहेज की मांग पूरी करने से इनकार किया, तो उसे घर से निकाल दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, पति ने अपनी पत्नी पर किसी अन्य युवक से संबंध होने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पत्नी अधिकतर मायके में रहती है और जब वह काम के सिलसिले में बाहर रहता है, तब रात के समय कॉल करने पर भी फोन व्यस्त मिलता है।
पति ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर रील बनाती है, जिसमें कही जाने वाली बातें उसे आपत्तिजनक लगती हैं। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने बताया कि महिला का आरोप है कि निजी जरूरत के लिए पति की जेब से पैसे लेने पर उसे बदनाम किया गया और ससुराल पक्ष उसे साथ रखने को तैयार नहीं है।
वहीं पति तलाक चाहता है। हालांकि वह मेंटेनेंस देने के लिए तैयार है। प्रो. अप्सरा ने बताया कि आयोग ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है, जिसमें दोनों पक्षों के माता-पिता को भी बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग की प्राथमिकता दोनों पक्षों के बीच समझौता कर परिवार को बचाने की है।