पटनाः बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (एसयूवी) के द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में बिहार के किशनगंज जिले में एसवीयू की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को जिले की प्रभारी डीपीओ (आईसीडीएस) अनीता कुमारी-2 को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पौठिया के सीडीपीओ नागेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर की गई। बताया जाता है कि शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले प्रारंभिक जांच की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान अनीता कुमारी को उनके निजी आवास से रिश्वत की राशि लेते पकड़ा गया। एसवीयू के डीएसपी लव कुमार ने बताया कि यह मामला किसी बड़ी विभागीय डील और लाभ से जुड़ा हुआ है।
आरोप है कि अनीता कुमारी ने कुल 10 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से फिलहाल 50 हजार रुपये दिए गए थे। छापेमारी के दौरान उनके आवास से लाखों रुपये अतिरिक्त नकद भी बरामद हुए हैं, जिनकी गिनती की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद अनीता कुमारी को निगरानी मुख्यालय पटना लाए जाने की तैयारी की जा रही थी।
शिकायतकर्ता सीडीपीओ नालंदा जिले के नूरसराय थाना अंतर्गत जगदीशपुर तियारी निवासी नागेंद्र कुमार (पिता- राजदेव साह) के रहने वाले हैं। शिकायतकर्ता नागेन्द्र कुमार का आरोप है कि प्रभारी डीपीओ अनीता कुमारी-2 उन्हें आरोप पत्र गठित कर निलंबित कराने की धमकी दे रही थीं। इस कार्रवाई से बचने के बदले उन्होंने 10 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
विशेष निगरानी इकाई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत कांड संख्या-08/2026 दर्ज किया है। आरोपी अधिकारी को शनिवार को पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। इससे पहले एसयूवी ने मुजफ्फरपुर से जिला कृषि पदाधिकारी और उसके ड्राइवर को 50 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
आरोपी अधिकारी ने एक खाद दुकानदार को दुकान का लाइसेंस रद्द करने का भय दिखाकर 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद एसयूवी ने जाल बिछाकर आरोपी कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।