Two Indians named in South Africa domestic spot-fixing case relating to former cricketer Gulam Bodi | दक्षिण अफ्रीका स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में सामने आया दो भारतीयों का नाम, सात क्रिकेटरों को हो सकती है जेल
गुलाम बोदी

नई दिल्ली, 21 जुलाई: दक्षिण अफ्रीका घरेलू क्रिकेट में 2015 के स्पॉट फिक्सिंग मामले में दो भारतीयों का नाम सामने आया है। ये मामला स्पॉट फिक्सिंग में भ्रष्टाचार से जुड़े नौ आरोपों के लिए कोर्ट में हुई पूर्व क्रिकेटर गुलाम बोदी की सुनवाई के दौरान एक हफ्ते पहले सामने आया। इन दो भारतीयों के नाम मनेष जैन और इमरान मुस्कान हैं।

Cricbuzz की रिपोर्ट के मुताबिक, बोदी को इस मामले में 22 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई तक (3000 रेंड पर) जमानत दे दी गई है। लेकिन इस मामले में  शामिल बोदी समेत छह अन्य खिलाड़ियों अल्वीरो पीटरसन, थामी सोलेकिले, लोनवाबो सोत्सोबे, जीन साइम्स, पूमी मात्सविके और एथी एम्बालहाटी को जेल की सजा होने की आशंका जताई जा रही है। बोदी को जमानत तो दे दी गई है लेकिन उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है और उसके द्वारा भर्ती किए गए किसी भी खिलाड़ी से संपर्क करने पर रोक लगा दी गई है।

स्पॉट फिक्सिंग मामले में कई क्रिकेटरों पर लगा था 2-12 साल का बैन

जनवरी 2016 में बोदी पर क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने भर्ती एजेंट के रूप में साउथ अफ्रीका के घरेलू राम स्लैम टी20 2015 संस्करण में खेलने वाले स्थानीय क्रिकेटरों और भारतीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के बीच कड़ी के रूप में काम करने के लिए 20 साल का बैन लगा दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी साल चार अन्य खिलाड़ियों सोलेकिले, साइम्स, एम्बालहाटी और मात्सविके को क्रिकेट साउथ अफ्रीका के एंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन के लिए 2 साल से 12 साल का बैन लगा दिया गया।

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सोलेकिले पर 12 साल, एम्बालहाटी पर 10 साल और साइम्स पर सात साल का बैन लगाया गया। दिसंबर 2016 में एल्वीरो पीटरसन पर दो साल का बैन लगाया गया, छह महीने बाद उनके लायंस और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व साथी लोनवाबो सोत्सोबे पर आठ साल का बैन लगा दिया गया।

मामले की जांच में सामने आया है कि दोनों भारतीय मनेष जैन और इमरान मुस्कान ने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए बोदी की जान-पहचान भारत स्थित अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट से करवाई। अगस्त 2015 में राम स्लैम टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ महीनों पहले बोदी जैन और शिमजी और सिंडिकेट के अन्य सदस्यों से मिलने के लिए भारत आया था।

खिलाड़ियों को प्रति मैच 6-7 लाख रुपये देने का किया गया था वादा

भारत आने पर बोदी से वादा किया गया कि स्पॉट फिक्सिंग में शामिल खिलाड़ी को प्रत्येक मैच के लिए 6 लाख से 7 लाख रुपये दिए जाएंगे। खुद बोदी को हर मैच के लिए 1.5 लाख दिए जाने का वादा किया गया। भारत से लौटने के बाद बोदी ने खुद को खिलाड़ियों की भर्ती के काम में व्यस्त कर लिया।

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बोदी ने लायंस के लिए अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच 2014/15 के मैच में खेला था लेकिन अब भी लायंस के ड्रेंसिग रूम में उसके कई दोस्त थे। बाद में पता चला कि स्पॉट फिक्सिंग घोटाले में फंसे और गड़बड़ी करने वाले छह में से पांच अन्य खिलाड़ी लायंस के थे जबकि एक अन्य एथी एम्बालहाटी टाइटंस का था।   

हालांकि इस बीच माना जा रहा है कि लंबी सजा से बचने के लिए बोदी सरकारी गवाह बन सकता है।


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