भारतीय टीम के मौजूदा क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप के बारे में जानिए, स्कूली बच्चों को गणित की ट्यूशन दी, प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी नहीं खेला

ड्रेसिंग रूम में अपने भाषण से सबको आकर्षित करने वाले दिलीप राज्य क्रिकेट अकादमी के जूनियर आयु ग्रुप कार्यक्रम में कोचिंग देते थे। वह आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स (अब बंद हुई) में सहायक क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में काम करते थे और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में एक दशक बिता चुके हैं।

By शिवेन्द्र कुमार राय | Published: November 13, 2023 09:33 PM2023-11-13T21:33:21+5:302023-11-13T21:34:40+5:30

Know about T Dilip fielding coach of Indian team gave mathematics tuition to children never played first class | भारतीय टीम के मौजूदा क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप के बारे में जानिए, स्कूली बच्चों को गणित की ट्यूशन दी, प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी नहीं खेला

भारतीय टीम के मौजूदा क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप (फाइल फोटो)

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Highlightsटी दिलीप ने स्कूली बच्चों को गणित की ट्यूशन दीप्रथम श्रेणी क्रिकेट कभी नहीं खेली मौजूदा क्षेत्ररक्षण कोच नेआईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स में सहायक क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में काम करते थे

T Dilip, the current fielding coach of the Indian team: भारत में खेले जा रहे आईसीसी वनडे विश्वकप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है।  वनडे विश्वकप में भारत की फील्डिंग भी गजब की रही है। इसका श्रेय जाता है  भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप को। टी दिलीप एक ऐसे शख्स हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। उनका भारतीय टीम के साथ जुड़ना भी एक कहानी है।

मौजूदा भारतीय क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने ये साबित कर के दिखाया है कि कोच के रूप में सम्मान पाने के लिए आपको एक बड़ा स्टार होने की जरूरत नहीं है। यहां तक कि टी दिलीप  प्रथम श्रेणी खिलाड़ी भी नहीं थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खिलाड़ियों से उनका बेस्ट प्रदर्शन करा कर जो सम्मान और स्थान हासिल किया है वह काबिले तारीफ है।

ड्रेसिंग रूम में अपने भाषण से सबको आकर्षित करने वाले दिलीप  राज्य क्रिकेट अकादमी के जूनियर आयु ग्रुप कार्यक्रम में कोचिंग देते थे। वह आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स (अब बंद हुई) में सहायक क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में काम करते थे और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में एक दशक बिता चुके हैं।  उनकी यात्रा दिलचस्प रही है क्योंकि उनके परिवार ने कभी भी उनकी क्रिकेट महत्वाकांक्षाओं का समर्थन नहीं किया जिससे उन्हें स्कूली बच्चों को गणित की ट्यूशन देनी पड़ी ताकि वह अपनी कोचिंग के लिए धन जुटाने सकें। उन्होंने बेसबॉल कोच माइक यंग के साथ सहायक के रूप में काम किया जो डेक्कन चार्जर्स में मुख्य क्षेत्ररक्षण कोच थे। वह लेवल 2 और 3 कोर्स में अच्छे नतीजे लेकर आये। वह एनीसीए में आर श्रीधर के साथ काम कर चुके हैं।

मौजूदा विश्वकप में खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए  टी दिलीप ने एक प्रथा शुरू की है। अब हर मैच के बाद सबसे शानदार फील्डिंग करने वाले खिलाड़ी को एक मेडल दिया जाता है।  खास बात यह है कि पिछले मैच का मेडल विनर ही उस दिन वाले मेडल विनर को यह तमगा सौंपता है।

मौजूदा विश्वकप में स्लिप फील्डिंग लाजवाब रही है। विराट कोहली, शुभमन गिल और रोहित ने स्लिप में क्षेत्ररक्षण का जिम्मा उठाया है। शुरुआती ओवरों में जडेजा प्वाइंट पर बल्लेबाजों के लिए रन लेना मुश्किल कर देते हैं। आखिरी ओवरो में कोहली, श्रेयस अय्यर, जडेजा और शुभमन सीमा रेखा पर फील्डिंग का जिम्मा उठाते हैं। इन खिलाड़ियों से पार पाना अब तक विपक्षी टीमों के लिए बेहद मुश्किल रहा है। इसके पीछे  क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप की मेहनत भी छिपी हुई है।

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