नई दिल्लीः अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण शेयर बाजार में आई दो दिनों की भारी गिरावट से निवेशकों की पूंजी में 16.32 लाख करोड़ रुपये की बड़ी सेंध लगी है। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,122.66 अंक यानी 1.40 प्रतिशत टूटकर 79,116.19 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,795.65 अंक या 2.23 प्रतिशत तक गोता लगाकर 78,443.20 अंक पर आ गया था। 28 फरवरी से शुरू हुए भू-राजनीतिक संकट के बीच पिछले शुक्रवार से अब तक सेंसेक्स कुल 2,171 अंक या 2.67 प्रतिशत गिर चुका है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बीच बुधवार को प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1.55 प्रतिशत तक टूट गए।लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40 प्रतिशत गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में यह एक समय 1,795.65 अंक या 2.23 प्रतिशत तक लुढ़ककर 78,443.20 के निचले स्तर पर आ गया था। हालांकि, सत्र के दूसरे भाग में कुछ नुकसान की भरपाई हुई। पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के चलते बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेल विपणन कंपनियों और पेंट निर्माताओं के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का शेयर 5.41 प्रतिशत टूट गया। वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में 4.94 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) में 4.78 प्रतिशत की गिरावट आई।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 67 पैसे टूटकर 92.16 के सर्वकालिक निचले स्तर पर
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया 67 पैसे की गिरावट के साथ 92.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी है। इसके चलते डॉलर सूचकांक 98 के स्तर को पार कर गया, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव और बढ़ गया।