नई दिल्लीः सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से निपटने में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) जैसी तेल विपणन कंपनियों की मदद करने के लिए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी एक अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोई लॉकडाउन नहीं होगा।
मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं। राजनीतिक डोमेन में बैठे लोगों की तरफ से ऐसी बातें चिंता की बात हैं। कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने पर कहा, "ऐसे हालात में जिस तरीके से पीएम मोदी तुरंत एक्शन लेते हैं जिससे जनता पर बोझ न आए और जनता को पेट्रोल और डीजल तथा गैस की कमी भी न हो पीएम ने कहा कि ग्राहक के लिए दाम बढ़ना नहीं चाहिए। इसे देखते हुए हमने यह फैसला लिया।
ताकि पक्का हो सके कि OMCs क्रूड ऑयल खरीदना बंद न करें ताकि देश में फ्यूल की कमी न हो, हमने देश में इसकी अवेलेबिलिटी पक्का करने के लिए ATF के एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "मैं इस मुश्किल समय में इतना बड़ा कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं।
हमारे सांसद भी इस कदम का स्वागत करेंगे और आज जब संसद फिर से शुरू होगी तो प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे...प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि पैनिक नहीं होना है। जमाखोरी करने वालों को चेतावनी दी है। भारत सरकार ने स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में रखा हुआ है। सर्वदलीय बैठक में विपक्षी सांसदों ने भी एक तरह से सरकार की सराहना की।
यह भी भरोसा दिलाया कि वे सरकार के फैसलों का समर्थन करेंगे, राज्य सरकारों को जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है ताकि गैस और फ़्यूल की कोई कमी न हो।केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि चल रही उथल-पुथल के बीच PM नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बहुत हिम्मत वाला और संवेदनशील फैसला लेकर आम आदमी को बड़ी राहत दी है।
जैसे कोविड महामारी के दौरान भारत ने बाकी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम की थी, वैसे ही आज के समय में भी PM मोदी ने रास्ता दिखाया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं देश की तरफ से प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। प्रधानमंत्री मुश्किल समय में हमेशा जनता के फायदे को ध्यान में रखते हुए सही फैसले लेते हैं...यह सरकार का बहुत अच्छा फैसला है। वे(ममता बनर्जी) चुनाव हार रही हैं और इसी डर से वो कुछ भी कह रही हैं।