नई दिल्लीः सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) की सहायता के लिए मझोले (श्रेणी-दो) और छोटे (श्रेणी-तीन) शहरों में 'कॉरपोरेट मित्रों' का एक दस्ता तैयार करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए यह घोषणा की। अपने भाषण में मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ स्थायी समिति का गठन करेगी। ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का यह दस्ता एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।
सीतारमण ने कहा कि सरकार इस दस्ते को तैयार करने के लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों को अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल डिजाइन करने में सहयोग प्रदान करेगी। कृषि क्षेत्र से संबंधित घोषणाओं में वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए 'नारियल प्रोत्साहन योजना' के अलावा चंदन और अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चंदन के पारिस्थितिकी तंत्र की गरिमा बहाल करने के लिए राज्यों के साथ साझेदारी करेगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक ‘लॉजिस्टिक’ केंद्रों के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करेगी। लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए सीतारमण ने देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की भी घोषणा की। देश में 700 से अधिक जिले हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में मुंबई स्थित ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में ‘कंटेंट लैब’ स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के केंद्रीय बजट में अलग-अलग शहरों के बीच सात हाई-स्पीड कॉरिडोर और पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नए विशेष फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा।
पर्यावरण अनुकूल यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के तौर पर सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे। वित्त मंत्री के मुताबिक, ये प्रस्तावित गलियारे मुंबई और पुणे, पुणे और हैदराबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई, चेन्नई और बेंगलुरु, दिल्ली और वाराणसी तथा वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच विकसित किए जाएंगे।
सीतारमण ने कहा कि मालवहन के लिए पर्यावरण अनुकूल सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए, वह पूर्वी क्षेत्र में डंकुनी को पश्चिमी हिस्से के सूरत से जोड़ने वाला एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रख रही हैं। अभी, अहमदाबाद और मुंबई के बीच एक हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम जारी है। इसी तरह, कई राज्यों और जिलों में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर -- ईस्टर्न और वेस्टर्न का काम जारी है।