फिर बढ़ेगी आपकी ईएमआई, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत की, जीडीपी का अनुमान भी बढ़ाया

By भाषा | Published: February 8, 2023 12:01 PM2023-02-08T12:01:21+5:302023-02-08T12:09:40+5:30

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है। पिछले साल मई से अब तक 6 बार रेपो दर बढ़ चुकी है। जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 6.4 को प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है।

Reserve Bank increased the repo rate by 0.25 percent to 6.5 percent | फिर बढ़ेगी आपकी ईएमआई, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत की, जीडीपी का अनुमान भी बढ़ाया

रिजर्व बैंक ने रेपो दर 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत की

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Highlightsपिछले साल मई से अब तक छह बार रेपो रेट को बढ़ाया जा चुका है।रेपो रेट बढ़ने से आपकी मौजूदा ऋण की मासिक किस्त (ईएमआई) बढ़ जाएगी।आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए जीडीपी की वृद्धि दर के अनुमान को भी बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है।

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुख्य रूप से महंगाई को काबू में लाने के उद्देश्य से बुधवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में एक बार फिर नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे मुख्य नीतिगत दर बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है।

बढ़ जाएगी अब आपकी ईएमआई

अगले वित्त वर्ष में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। रेपो दर वह ब्याज दर है, जिसपर वाणिज्यिक बैंक अपनी फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। इसमें वृद्धि का मतलब है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिया जाने वाला कर्ज महंगा होगा और मौजूदा ऋण की मासिक किस्त (ईएमआई) बढ़ेगी।

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सोमवार से शुरू हुई तीन दिन की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने डिजिटल माध्यम से प्रसारित बयान में कहा, ‘‘मौजूदा आर्थिक स्थिति पर विचार करते हुए एमपीसी ने नीतिगत दर रेपो 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत करने का निर्णय किया है।’’

मई से अब तक 6 बार बढ़ चुकी है रेपो दर

शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से चार ने रेपो दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। हालांकि, रेपो दर में वृद्धि की यह गति पिछली पांच बार की वृद्धि के मुकाबले कम है और बाजार इसकी उम्मीद कर रहा था। आरबीआई मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये इस साल मई से लेकर अबतक कुल छह बार में रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है।

इससे पहले, मई में रेपो दर 0.40 प्रतिशत तथा जून, अगस्त तथा सितंबर में 0.50-0.50 प्रतिशत तथा दिसंबर में 0.35 प्रतिशत बढ़ायी गयी थी। केंद्रीय बैंक नीतिगत दर पर निर्णय करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई पर गौर करता है।

Web Title: Reserve Bank increased the repo rate by 0.25 percent to 6.5 percent

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