मुंबईः रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी द्वारा सोमवार को अपनी पुत्री ईशा का परिचय समूह के खुदरा कारोबार के मुखिया के तौर पर कराए जाने के साथ ही उत्तराधिकार योजना के पुख्ता संकेत मिल गए हैं। अंबानी इसके पहले अपने बेटे आकाश को समूह की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो का चेयरमैन नामित कर चुके हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की 45वीं सालाना आमसभा (एजीएम) में अंबानी ने ईशा का परिचय खुदरा कारोबार के अगुवा के तौर पर कराया। उन्होंने ईशा को खुदरा कारोबार के बारे में बोलने के लिए बुलाते समय इसका मुखिया बताया। ईशा ने व्हॉट्सएप का इस्तेमाल कर ऑनलाइन किराना ऑर्डर करने और ऑनलाइन भुगतान करने से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी।
65 वर्षीय मुकेश अंबानी की तीन संतानें हैं। ईशा और आकाश दोनों जुड़वां भाई-बहन हैं जबकि सबसे छोटे अनंत हैं। ईशा की शादी पीरामल समूह के आनंद पीरामल से हुई है। रिलायंस समूह के मुख्यतः तीन व्यवसाय हैं जो तेल शोधन एवं पेट्रो-रसायन, खुदरा कारोबार और डिजिटल कारोबार (दूरसंचार शामिल) हैं।
इनमें से खुदरा और डिजिटल कारोबार पूर्ण-स्वामित्व वाली इकाइयों के अधीन हैं वहीं तेल-से-रसायन या ओ2सीकारोबार रिलायंस के तहत आता है। नवीन ऊर्जा कारोबार भी मूल कंपनी का ही हिस्सा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि मुकेश अंबानी अपने छोटे बेटे अनंत को तेल एवं ऊर्जा कारोबार का जिम्मा सौंप सकते हैं।
रिलायंस रिटेल इस साल एफएमसीजी कारोबार शुरू करेगी
रिलायंस रिटेल इस साल अपना दैनिक उपयोग के सामान (एफएमसीजी) का कारोबार शुरू करेगी। रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) की निदेशक ईशा अंबानी ने सोमवार को यह जानकारी दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस कारोबार का मकसद उत्पादों को विकसित करना और वितरित करना है।
ईशा ने कहा कि एफएमसीजी कारोबार के तहत किफायती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की पेशकश कर प्रत्येक भारतीय की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल हम अपना एफएमसीजी कारोबार शुरू करेंगे।’’ इसके अलावा रिलायंस रिटेल भारतीय कारीगरों द्वारा बनाए गए सामानों का विपणन भी करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के तहत, हम जल्द ही पूरे भारत में आदिवासियों और अन्य वांचित समुदायों द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले सामानों का विपणन शुरू करेंगे।’’ इस कदम से रोजगार के मौके बढ़ेंगे और साथ ही भारतीय कारीगरों के कौशल एवं ज्ञान को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी। आरआरवीएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के तहत सभी खुदरा कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है।