लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नौ वर्ष पूरे हो गए. इस अवसर पर यहां लोकभवन के भव्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने नौ वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया. इस अवसर पर उन्होने “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन भी किया. इसके साथ ही उन्होने यह ऐलान किया कि इसी 28 मार्च को देश के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री के हाथों होगा. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है.
यह घोषणा करने के साथ ही सीएम योगी ने यह दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है. इन नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया है. जनता को भयमुक्त किया है और प्रदेश को एक औद्योगिक राज्य बनाया है.
नौ वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान : योगी
योगी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर लोक भवन के सभागार में बुधवार को योगी सरकार के अधिकांश मंत्री मौजूद थे. सभी विभागों के आला अफसर भी यहां मौजूद थे. मंच पर मुख्यमंत्री के साथ सूबे के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए यह दावा किया कि बीते नौ साल में प्रदेश में भाजपा सरकार होने का परिणाम यह है कि देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क यूपी के पास है. प्रदेश के सर्वाधिक सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है.
लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में मेट्रो सेवा का लाभ लोग ले रहे. देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली और मेरठ के बीच प्रारंभ हो चुकी है. वाराणसी में देश का पहला रोपवे बन रहा है और देश का पहला इनलैंड वाटर वे वाराणसी से हल्दिया के बीच बना है. एयर कनेक्टिविटी के लिए उत्तर प्रदेश में 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट और चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन हो रहा है.
अब हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 28 मार्च को देश के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का न्योता भेज दिया है. मुख्यमंत्री के अनुसार जिस यूपी की पहचान वर्ष 2017 के पहले दंगों और खराब कानून व्यवस्था से होती थी उसकी पहचान आज विकास, सुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर से हो रही है.
पूर्व की सरकारों में यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था. प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था. परंतु अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है, अब यूपी विकास के एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहा है. अब यूपी के बजत नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपए का हो गया जो प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा.
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएंगे
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नौ विषयों पर आधारित नौ दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. बसंत नवरात्रि से यह शुरू होंगे. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जनता के बीच सरकार की उपलब्धियों को चर्चा का मुद्दा बनाना है. ताकि समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें.
मुख्यमंत्री के मुताबिक इन कार्यक्रमों में संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा. उन्होने यह भी कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
आज के कार्यक्रम में योगी सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों को लेकर तैयार की गई जिस “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया गया उसे भी प्रदेश के गांव-गांव तक लोगों के पास पाहुचाए जाएगा, ताकि सभी लोगों का पता चले कि योगी सरकार में बीते नौ वर्षों में कितने लोगों के घरों में शौचालय बने, कितने गरीब लोगों को आवास मिला, कितने लोगों को नौकरी मिली और कितनी अपराधियों को ठिकाने लगाया गया, कितनी सड़क बनी, एक्सप्रेसवे बने, गांवों में किया विकास हुआ, स्कूल कैसे सुधारे आदि-इत्यादि.