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अमेरिका में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अगुवाई करने वाले ‘भारतीयों’ में शामिल हुए पराग अग्रवाल

By भाषा | Updated: November 30, 2021 11:30 IST

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न्यूयॉर्क, 30 नवंबर ट्विटर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद पर पदोन्नति के साथ पराग अग्रवाल भारतीय मूल के उन कार्यकारियों में शामिल हो गए हैं जो अमेरिकी में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अगुवाई कर रहे हैं। बताया जाता है कि माइक्रोब्लॉगिंग कंपनी ट्विटर के संस्थापक जैक डॉर्सी का अग्रवाल में गहरा विश्वास है।

ट्विटर के निवर्तमान सीईओ डॉर्सी ने सोमवार को घोषणा की कि 37 वर्षीय अग्रवाल कंपनी के नए सीईओ होंगे। अग्रवाल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मुंबई (आईआईटी-मुंबई) और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। ट्विटर के सह-संस्थापक डॉर्सी ने करीब 16 साल बाद कंपनी से हटने की घोषणा की है।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अग्रवाल को बोनस, प्रतिबंधित शेयरों और प्रदर्शन-आधारित शेयर इकाइयों के अलावा सालाना 10 लाख डॉलर का वेतन मिलेगा।

डॉर्सी ने कहा, ‘‘कंपनी में लगभग 16 साल तक भूमिका निभाने के बाद मैंने तय किया है कि अब मेरा यहां से जाने का समय आ गया है। मैं कंपनी में सह-संस्थापक से लेकर सीईओ, चेयरमैन से कार्यकारी चेयरमैन और अंतरिम-सीईओ से सीईओ के पद पर रहा।’’

उन्होंने कहा कि तीन कारण हैं जिनकी वजह से मुझे लगता है कि अब सही समय है।

‘‘पहला पराग हमारे सीईओ बन रहे हैं। बोर्ड ने सभी विकल्पों पर विचार करते हुए सर्वसम्मति से पराग को नियुक्त करने का फैसला किया है। वह कंपनी और उसकी जरूरतों को गहराई से समझते हैं।’’

डॉर्सी ने कहा कि पराग हर महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे रहे हैं। वह जिज्ञासु, तार्किक, रचनात्मक और विनम्र हैं।

अग्रवाल की ट्विटर के सीईओ के पद पर पदोन्नति से वह ऐसे भारतीय मूल और भारत में जन्मे लोगों की सूची में शुमार हो गए हैं, जो आज वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अगुवाई कर रहे हैं।

पिछले साल जनवरी में भारत में जन्मे प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कार्यकारी अरविंद कृष्ण को अमेरिका की आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आईबीएम का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया था। उन्होंने वर्जिनिया रोमेट्टी का स्थान लिया है जिन्होंने कृष्ण को आईबीएम का अगले युग के लिए सही सीईओ बताया है।

कृष्ण (59) 1990 में आईबीएम में शामिल हुए थे और उनके पास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर से स्नातक की डिग्री और पीएचडी है।

इससे पहले अगस्त, 2015 में सुंदर पिचाई को गूगल का सीईओ नियुक्त किया गया था। वह पूर्व सीईओ एरिक श्मिट और सह-संस्थापक लैरी पेज के बाद कंपनी के तीसरे मुख्य कार्यपालक अधिकारी बने थे। दिसंबर, 2019 में पिचाई गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ बने।

पिचाई ने अग्रवाल को ट्विटर का सीईओ बनने पर बधाई दी है।

फरवरी, 2014 में माइक्रोसॉफ्ट ने सत्य नाडेला को कंपनी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया था। इसके अलावा मास्टरकार्ड के सीईओ अजय बंगा, पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंदिरा नूयी और एडोब के सीईओ शांतनु नारायण भी भारतीय मूल के हैं जिन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अगुवाई की है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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