कोई तोहफा नहीं, लगातार 7वीं तिमाही?, पीपीएफ, डाकघर, एनएससी, केवीपी और सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर में बदलाव नहीं
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 1, 2026 17:38 IST2026-01-01T17:37:28+5:302026-01-01T17:38:14+5:30
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनओं पर ब्याज की दरें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए अधिसूचित दरों के ही समान बनी रहेंगी।

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नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने बुधवार को पीपीएफ समेत विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। यह लगातार सातवीं तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लघु बचत योजनाओं के लिए ये दरें एक जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेंगी। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए विभिन्न लघु बचत योजनओं पर ब्याज की दरें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए अधिसूचित दरों के ही समान बनी रहेंगी।"
दरें एक जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक लागू-
सुकन्या समृद्धि योजनाः 8.2 प्रतिशत
सार्वजनिक भविष्य निधिः 7.1 प्रतिशत
डाकघर की बचत जमाः 04 प्रतिशत
किसान विकास पत्रः 7.5 प्रतिशत।
अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 8.2 प्रतिशत रहेगी, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर 7.1 प्रतिशत ब्याज लागू होगा। इसके अलावा सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और डाकघर की बचत जमा योजनाओं की दर भी क्रमशः 7.1 प्रतिशत और चार प्रतिशत बनी रहेगी।
किसान विकास पत्र (केवीपी) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत रहेगी और यह 115 महीने में परिपक्व होगा। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) की दर जनवरी-मार्च तिमाही में 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी। इसी तरह, मासिक आय योजना पर भी निवेशकों को पहले की तरह 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
इस निर्णय के साथ डाकघर और बैंक द्वारा संचालित लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें सातवीं लगातार तिमाही के लिए अपरिवर्तित रखी गई हैं। सरकार ने कुछ योजनाओं की दरों में पिछला बदलाव 2023-24 की चौथी तिमाही में किया था। वित्त मंत्रालय हर तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें घोषित करता है।