Meta layoffs: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी) एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली यह कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स में से लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
क्यों हो रही है छंटनी?इस छंटनी के पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए जा रहे हैं:
1. AI पर भारी दांव: कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है, जिसकी भरपाई के लिए लागत कम करना जरूरी हो गया है।2. दक्षता में सुधार: जुकरबर्ग का मानना है कि AI टूल्स की मदद से अब वो काम एक अकेला व्यक्ति कर सकता है, जिसके लिए पहले बड़ी टीमों की जरूरत होती थी।
प्रमुख आंकड़े और तथ्य:प्रभावित कर्मचारी: यदि 20% की कटौती होती है, तो करीब 16,000 लोगों की नौकरी जा सकती है।पिछला रिकॉर्ड: मेटा ने नवंबर 2022 में 11,000 और उसके कुछ महीनों बाद 10,000 कर्मचारियों को निकाला था।भारी निवेश: मेटा 2028 तक डेटा सेंटर्स के लिए $600 बिलियन के निवेश का लक्ष्य रख रही है।
टेक सेक्टर में बढ़ता ट्रेंडमेटा अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो AI के कारण छंटनी कर रही है। इस साल की शुरुआत में अमेज़न ने भी अपने 10% वर्कफोर्स (करीब 16,000 लोग) को कम करने की घोषणा की थी। वहीं, फिनटेक कंपनी ब्लॉक ने भी अपने आधे स्टाफ की कटौती की है।
हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने फिलहाल इन खबरों को "काल्पनिक" बताया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को तैयारी शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।