नई दिल्लीः केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में एलपीजी आपूर्ति पर कड़ी नजर रखने और सिलेंडर की जमाखोरी या कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि घरेलू रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराहट में सिलेंडर बुक न करें। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण देश में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी के बीच, यह निर्देश दिया गया है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता के बीच दिल्ली के लोगों और छात्रों की परेशानी बढ़ गयी है।
कई परिवार इंडक्शन यानी इलेक्ट्रिक चूल्हे का उपयोग करने लगे हैं, जिससे उनके बिजली बिल बढ़ने का खतरा है। वहीं, किराये के मकानों में रहने वाले छात्र बाहर का खाना खाने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सीमित एलपीजी स्टॉक वाले परिवारों में इस स्थिति को लेकर चिंता है, क्योंकि उन्हें यह पता नहीं है कि उन्हें भरा हुआ सिलेंडर कब मिलेगा।
तेल आपूर्ति संकट के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री लावरोव से बात की
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल-गैस आपूर्ति अस्थिर होने के बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य संकट के प्रभावों का प्रबंधन और कूटनीतिक प्रयासों का समन्वय करना था।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध करने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। यह संकरी जलसंधि फारस की खाड़ी एवं ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है और लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल एवं एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है।
अगले चार दिन में एलपीजी आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो बंद हो सकती हैं भट्टियां: कैनपैक इंडिया
शराब और दवा उद्योगों के लिए कांच की बोतल का उत्पादन करने वाली कंपनी 'कैनपैक इंडिया' की भट्टियां एलपीजी की कमी के कारण बंद होने के कगार पर हैं। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विक्रम पोटदार ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि अगले चार दिन में एलपीजी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो उन्हें संयंत्रों की भट्टियां बंद करनी पड़ सकती हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट बने रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, पाम एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतों में मजबूती देखी गई। मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में मजबूती का रुख है।
भारत की रूस से कच्चे तेल खरीद 50 प्रतिशत बढ़ी
भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद में मार्च में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति बाधित होने के बीच भारत के वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग के परिणामस्वरूप यह खरीद बढ़ी है। जहाज निगरानी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस महीने लगभग 15 लाख बैरल रूसी तेल खरीदा, जो फरवरी में 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन था।