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सरकार के प्रोत्साहन उपायों से दबाव से गुजर रहे उद्योगों, रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा: उद्योग जगत

By भाषा | Updated: November 12, 2020 21:50 IST

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नयी दिल्ली, 12 नवंबर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनों की एक और खुराक देने की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बृहस्पतिवार को की गयी घोषणा का भारतीय उद्योग जगत ने स्वागत किया है।

उद्योग जगत ने कहा कि यह सरकार की ओर से त्यौहार की सौगात जैसा है। इससे दबाव वाले क्षेत्रों को समर्थन, रोजगार सृजन और निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही आर्थिक वृद्धि पर इसका कई गुना असर होगा।

सीतारमण ने आवास बिक्री के चुनिंदा सौदों पर कर राहत, छोटे कारोबारों के लिए जारी ऋण सुविधा की अवधि वित्त वर्ष के अंत तक बढ़ाने और नयी रोजगार निर्माण पर प्रोत्साहन जैसे कई कदमों की घोषणा की, ताकि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

ताजा प्रोत्साहनों में अतिरिक्त उर्वरक सब्सिडी तथा विनिर्माण इकाइयों के लिए पहले घोषित की जा चुकी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना शामिल है। इन सभी प्रोत्साहन उपायों को मिलाकर लॉकडाउन घोषणा के बाद से अब तक घोषित कुल राहत पैकेज की राशि करीब 30 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष उदय कोटक ने कहा, ‘‘राजकोषीय स्थिति पर दबाव के बावजूद सरकार ने 2.65 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के आर्थिक प्रोत्साहन उपाय किये हैं। यह काफी स्वागतयोग्य कदम है। इस मिलाकर कुल राजकोषीय प्रोत्साहन 17.2 लाख करोड़ रुपये हो चुका है जो देश की जीडीपी का नौ प्रतिशत है।’’

उन्होंने कहा कि आकस्मिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार कामथ समिति की रपट में बताए गए 26 दबाव वाले क्षेत्रों तक करने का सरकार का फैसला इन क्षेत्रों की मदद करेगा। यह बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देगा। कम मांग के बीच उनके कार्यशील पूंजी और नकदी की कमी से जुड़े मुद्दों के समाधान में मददगार होगा।

उद्योग मंडल फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी ने कहा कि सरकार का आवास, बुनियादी ढांचे और निर्माण क्षेत्र पर जोर देना दिखाता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए इन क्षेत्रों के बहुआयामी प्रभाव का लाभ उठाना चाहती है। अर्थव्यवस्था मे सुधार के कई संकेत पहले ही दिखने लगे हैं।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि इन सुधारों का आर्थिक वृद्धि में कई गुना प्रभाव होगा। यह मांग, रोजगार निर्माण और निजी निवेश को बढ़ावा देगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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