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भारत के कच्चा पामतेल का आयात जनवरी में 45 प्रतिशत बढ़कर 7.67 लाख टन रहा: एसईए

By भाषा | Updated: February 12, 2021 18:56 IST

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मुंबई, 12 फरवरी भारत के कच्चे पाम तेल का आयात जनवरी में सालाना आधार पर 44.99 प्रतिशत बढ़कर 7.67 लाख टन हो गया। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

एसईए ने एक बयान में कहा कि जनवरी 2020 के दौरान कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का आयात 5.29 लाख टन था।

एसोसिएशन ने कहा कि कच्चे पामतेल (सीपीओ) पर दो नवंबर, 2020 से आयात शुल्क को 37.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत कर दिया गया था, जबकि नरम तेलों (साफ्ट ऑयल) पर शुल्क 35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया, जिससे पाम तेल के आयात को प्रोत्साहन मिला।

मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया, भारत को पाम तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश हैं।

एसईए के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने के दौरान, मलेशिया सीपीओ(4.97 लाख टन) का प्रमुख आपूर्तिकर्ता था, इसके बाद इंडोनेशिया (2,70 लाख टन) का स्थान था।

हालांकि, जनवरी के दौरान वनस्पति तेलों का कुल आयात जनवरी 2020 के 11.95 लाख टन की तुलना में आठ प्रतिशत घटकर 10.96 लाख टन रह गया। पिछले महीने इस आयात में खाद्य तेलों का हिस्सा 10.74 लाख टन और गैर-खाद्य तेलों का हिस्सा 22,034 टन था।

इस बीच, नवंबर 2020-जनवरी 2021 के दौरान वनस्पति तेलों का कुल आयात 35.56 लाख टन रहा, जो एक साल पहले के 34.51 लाख टन के आयात की तुलना में तीन प्रतिशत अधिक था।

अर्जेंटीना में लॉजिस्टिक व्यवधानों के बाद सोयाबीन तेल का आयात जोरदार गिरावट के साथ में जनवरी में 88,667 टन रह गया जो वर्ष 2020 के इसी महीने में 2.60 लाख टन था।

एसईए ने कहा कि जनवरी 2021 में सोयाबीन तेल का आयात सबसे कम था, क्योंकि नवंबर 2020 में अर्जेंटीना में ट्रक चालकों की हड़ताल ने ढुलाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया था, जिसके परिणामस्वरूप भारत में सोयाबीन तेल के कम जहाजों का आगमन हुआ।

एक फरवरी, 2021 को देश के विभिन्न बंदरगाहों पर खाद्य तेलों का भंडार 6.57 लाख टन (सीपीओ 3.58 लाख टन, आरबीडी पामोलिन 5,000 टन, डीगम्ड सोयाबीन तेल 1.18 लाख टन और कच्चे सूरजमुखी तेल 1.76 लाख टन) और पाइपलाइन का 11.30 लाख टन होने का अनुमान है।

एक फरवरी 2021 को स्टॉक 28,000 टन की मामूली गिरावट के साथ 17.87 लाख टन रह गया, जबकि एक जनवरी 2021 को यह 18.15 लाख टन था।

पाम फैटी एसिड डिस्टिलेट (पीएफएडी) और पाम स्टीयरिन दो प्रमुख गैर-खाद्य तेल हैं, जिन्हें साबुन और ओले-रसायन उद्योग द्वारा आयात किया जाता है।

नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के दौरान अखाद्य तेलों का आयात 19 प्रतिशत घटकर 70,028 टन रहा, जबकि नवंबर 2019-जनवरी 2020 में आयात 86,386 टन का था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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