सरकार एयर इंडिया के लिए वित्तीय बोली लगाने की समय सीमा 15 सितंबर रखने पर अडिग

By भाषा | Updated: September 8, 2021 19:26 IST2021-09-08T19:26:53+5:302021-09-08T19:26:53+5:30

Government adamant on keeping September 15 as the deadline for financial bidding for Air India | सरकार एयर इंडिया के लिए वित्तीय बोली लगाने की समय सीमा 15 सितंबर रखने पर अडिग

सरकार एयर इंडिया के लिए वित्तीय बोली लगाने की समय सीमा 15 सितंबर रखने पर अडिग

नयी दिल्ली आठ सितंबर सरकार सार्वजानिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया के अधिग्रहण के वास्ते निवेशकों की बोली लगाने के लिये समय सीमा को 15 सितंबर रखे जाने पर अडिग है। इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

हालांकि, सरकार ने इससे पहले प्राथमिक बोली के लिये समयसीमा को पांच बार बढ़ाया था।

नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाला टाटा समूह घाटे में चल रही एयर इंडिया को खरीदने के रुचि दिखाने वाली कई कंपनियों में शामिल है। उसने पिछले साल दिसंबर में प्राथमिक बोली सौंपी है।

प्रारंभिक बोलियों का विश्लेषण करने के बाद केवल योग्य बोलीदाताओं को एयर इंडिया के वर्चुअल डेटा रूम (वीडीआर) तक पहुंच प्रदान की गई। इसके बाद निवेशकों के प्रश्नों का जवाब दिया गया।

सरकार ने इसके बाद अप्रैल में एयर इंडिया के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की थी और बोली लगाने की समय सीमा 15 सितंबर तय की।

अधिकारी ने बताया कि 15 सितंबर तक सभी बोलियां आने के बाद सरकार आरक्षित मूल्य का फैसला करेगी। अधिग्रहण का यह समझौते दिसंबर अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वी के सिंह ने भी इस वर्ष जुलाई में संसद को बताया था कि विमानन कंपनी के लिए वित्तीय बोलियां 15 सितंबर तक प्राप्त की जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि सरकार एयर इंडिया में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। विमानन कंपनी 2007 में घरेलू ऑपरेटर इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है।

यह प्रक्रिया हालांकि जल्द पूरी की जानी थी लेकिन कोविड-19 के कारण हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया में देरी हुई और सरकार ने एयर इंडिया की प्रारंभिक बोलियां जमा करने की समय सीमा पांच बार बढ़ाई।

साथ ही एयर इंडिया को खरीदने वाले सफल बोलीदाता को घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग तथा पार्किंग आवंटनों का नियंत्रण दिया जाएगा।

सफल बोली लगाने वाली कंपनी को एयर इंडिया की सस्ती विमानन सेवा एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा और एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है।

सरकार 2017 से ही एयर इंडिया के विनिवेश का प्रयास कर रही है। तब से कई मौके पर प्रयास सफल नहीं हो पाये। इस बार सरकार ने संभावित खरीदार को यह आजादी दी है कि वह एयर इंडिया का कितना कर्ज बोझ अपने ऊपर लेना चाहता है वह फैसला करे।

इससे पहले बोली लगाने वालों को एयरलाइन का पूरा 60,074 करोड़ रुपये का कर्ज अपने ऊपर लेने का कहा जा रहा था।

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Web Title: Government adamant on keeping September 15 as the deadline for financial bidding for Air India

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