नई दिल्लीः केंद्र सरकार मार्च के अंत तक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च कर सकती है, जिससे ग्राहक यूपीआई के माध्यम से भविष्य निधि की राशि निकाल सकेंगे। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक इस साल अप्रैल में पेश होने वाले एक नए मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये यूपीआई (यूपीआई) भुगतान गेटवे का उपयोग करके अपने पीएफ का पैसा सीधे बैंक खातों में पा सकेंगे। एक शीर्ष सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी परियोजना पर काम कर रहा है, जिसके ईपीएफ का एक निश्चित हिस्सा सुरक्षित कर दिया जाएगा।
जबकि एक बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये बैंक खाते के माध्यम से निकासी के लिए उपलब्ध होगा। यह नया ईपीएफओ ऐप, जो उमंग ऐप से अलग होगा, ग्राहक के बैंक खाते से जुड़ा होगा। यह भीम ऐप और अन्य यूपीआई ऐप्स से भी जुड़ा होगा। अधिकारी ने बताया कि इससे ईपीएफओ ग्राहक ईपीएफओ में जमा राशि को अपने बैंक खातों में स्थानांतरित कर सकेंगे।
फिर यूपीआई के माध्यम से निकासी कर सकेंगे। वर्तमान में, ईपीएफओ से निकासी यूएएन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है, लेकिन यूपीआई के माध्यम से धनराशि निकालने की कोई सुविधा नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, ऐप की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और यह सुविधा मार्च के अंत तक शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारी ने बताया, "ग्राहक अपने बैंक खातों में जमा ईपीएफओ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे।" वर्तमान में ईपीएफओ के लगभग 3 करोड़ ग्राहक हैं। नियमों के अनुसार, ग्राहक के खाते में ईपीएफ बैलेंस का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा रहना अनिवार्य है। दूसरे शब्दों में, सदस्य अनिवार्य न्यूनतम बैलेंस बनाए रखते हुए अपने ईपीएफ कोष का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं।
नौकरी छूटने की स्थिति में, शेष 25 प्रतिशत राशि 12 महीने बाद ही निकाली जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ का कुल कोष लगभग 26 लाख करोड़ रुपये है और सक्रिय ग्राहकों या योगदान देने वाले सदस्यों की कुल संख्या लगभग 7.5 करोड़ है।