नई दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी के इस सप्ताह उसके समक्ष उपस्थित नहीं होने के बाद उन्हें 26 फरवरी को पूछताछ के लिए पेश होने का ताजा समन जारी किया है। 40 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड को लेकर समन जारी हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उनकी पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी भी ईडी द्वारा दूसरी बार समन जारी किए जाने के बावजूद 17 फरवरी को एजेंसी के सामने पेश नहीं हुई थीं। उन्हें संघीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए पहला समन 10 फरवरी को जारी किया गया था।
लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं जिसके बाद उन्हें नया नोटिस दिया गया था। अंबानी ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक शपथ पत्र दाखिल कर दोहराया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) और उसकी समूह कंपनियों से जुड़े कथित बड़े पैमाने पर बैंक ऋण धोखाधड़ी की चल रही जांच के संबंध में वे सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।
यह शपथ पत्र एक लंबित जनहित याचिका (PIL) के संबंध में दाखिल किया गया है, जिसमें अंबानी के नेतृत्व वाले आरकॉम समूह के 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण को माफ किए जाने और कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन की हेराफेरी किए जाने के आरोपों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है।
शपथ पत्र में 4 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष दर्ज किए गए मौखिक वचन को औपचारिक रूप से दोहराया गया है, जब उनकी ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने आश्वासन दिया था कि अंबानी सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेंगे।