नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण उत्पन्न द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी को दूर करने के लिए उच्च स्तरीय चर्चा की। सरकार ने मध्य पूर्व युद्ध के प्रभाव से घरेलू उपभोक्ताओं को बचाने के लिए एक रणनीतिक योजना को सक्रिय कर दिया है। वर्तमान संकट अमेरिका, इज़राइल और तेहरान द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न हुआ है। यह समुद्री मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
देश अपनी कुल एलपीजी आवश्यकताओं का 62 प्रतिशत आयात करता है। इन आयातों का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब जैसे देशों से प्राप्त होता है। अब बंद जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। सरकार वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश कर रही है। भारत प्रतिवर्ष लगभग 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत करता है।
कई शहरों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी से होटल और रेस्तरां प्रभावित होने लगे हैं। उद्योग जगत के संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो दिनों में आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो मुंबई के लगभग आधे रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद हो सकते हैं। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अनुसार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 5 मार्च को जारी अधिसूचना के बाद यह समस्या और बढ़ गई है।
आपूर्तिकर्ताओं और वितरकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। परिणामस्वरूप, कई वितरकों ने होटलों, रेस्तरां और खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बंद कर दी है। मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर जैसे शहरों में यह कमी देखी जा रही है, वहीं दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की समस्याएँ सामने आ रही हैं।
बेंगलुरु, चेन्नई और मुंबई में होटल और रेस्तरां उद्योग से जुड़े संगठनों ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण आपूर्ति में आई बाधाओं को लेकर व्यावसायिक खाना पकाने के गैस सिलेंडरों की कमी का मुद्दा उठाया है। केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों को द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध और इसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य सहित प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में आई बाधाओं के चलते पिछले शनिवार को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि की गई। घरेलू खाना पकाने की गैस की कीमत में 60 रुपये और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई।
बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने सोमवार को कहा कि शहर भर के होटलों और रेस्तरांओं का संचालन 10 मार्च से प्रभावित होने की संभावना है। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, "गैस आपूर्ति बंद होने के कारण कल से होटल बंद रहेंगे।" इसमें आगे कहा गया, "होटल उद्योग एक आवश्यक सेवा है, इसलिए आम लोग, छात्र और चिकित्सा पेशेवर, जो दैनिक भोजन के लिए होटलों पर निर्भर हैं, प्रभावित होंगे।"
इसमें यह भी कहा गया, "गैस आपूर्ति सामान्य होने तक हमारे होटल उद्योग को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।" एसोसिएशन ने कहा कि तेल कंपनियों ने 70 दिनों तक निर्बाध गैस आपूर्ति की गारंटी दी थी, इसलिए अचानक आपूर्ति बंद होना होटल उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आयातित गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता सूची संशोधित कर दी है। नई व्यवस्था में एलपीजी उत्पादन को सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस के साथ शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। सरकार की तरफ से जारी गजट अधिसूचना के मुताबिक, इन क्षेत्रों की जरूरतें पहले पूरी की जाएंगी और उसके बाद ही अन्य क्षेत्रों को गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
गुजरात सरकार ने उद्योगों को गैस आपूर्ति में 50 प्रतिशत तक कटौती की
पश्चिम एशिया संकट से गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुजरात सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में 50 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। गुजरात के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी घर में रसोई गैस सिलेंडर की कमी न हो।