सैलरी देने में देरी की तो मजदूर को ब्याज मिलेगा?, केंद्रीय नेतृत्व के मिलने के बाद लखनऊ में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ विधेयक क्या बोले सीएम योगी
By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 6, 2026 13:27 IST2026-01-06T13:16:23+5:302026-01-06T13:27:03+5:30
दो दशक पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है।

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नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रधानमंत्री द्वारा संसद के हालिया शीतकालीन सत्र के दौरान उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बारे में है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण अधिनियम पारित किया गया है, जिसे वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के नाम से जाना जाता है। यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास परिदृश्य में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की आवश्यकता इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि जिन्होंने लंबे समय तक देश के संसाधनों को लूटा है, गरीबों को भूखा मरने और युवाओं को पलायन करने और बेरोजगारी की पीड़ा झेलने के लिए मजबूर किया है, वे अब चिंतित हैं कि यदि वे ऐसे सुधारों और ग्रामीण विकास के प्रति इस पारदर्शी दृष्टिकोण और विकसित भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं, तो उनके कुकर्म उजागर हो जाएंगे।
विकसित भारत-जी राम जी कानून, 2025 के संबंध में लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता... https://t.co/VWnijUaRjc
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 6, 2026
#WATCH | Lucknow: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "This (VB-G RAM G Act) will form the foundation of a developed India. The goal of a developed India can only be realised when the states are developed. States will develop when our fundamental unit, the village, develops.… https://t.co/scIWcmfvZIpic.twitter.com/oSAKwGAKYy
— ANI (@ANI) January 6, 2026
आदित्यनाथ ने कहा कि यह (VB-G RAM G अधिनियम) एक विकसित भारत की नींव रखेगा। एक विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है जब राज्य विकसित हों। राज्य तभी विकसित होंगे जब हमारी मूलभूत इकाई, गाँव, विकसित होगी। जब हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे, जब हमारे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे, और जब श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित होगा, तभी एक विकसित भारत का सपना साकार होगा। मैं इसका स्वागत करता हूँ और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।
#WATCH | Lucknow: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, "Our press conference today is about the important steps taken by the Prime Minister during the recent winter session of Parliament... A significant act has been passed in this regard, known as the VB-G RAM G Act, 2025.… pic.twitter.com/nzhx8NkzMN
— ANI (@ANI) January 6, 2026
VB-G RAM G में दिए गए
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) January 6, 2026
60 दिन के कृषि ब्रेक को लेकर भ्रम फैलाया गया है❗
इस व्यवस्था का मकसद साफ है
किसान को सही समय पर मजदूर मिले
और मजदूर का रोजगार अधिकार सुरक्षित रहे। 🌾#VBGRAMG4ViksitBharatpic.twitter.com/l5NQ5Ta1FJ
5 दिसंबर को केंद्रीय नेतृत्व से मिलने के बाद आज यानी 6 दिसंबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस पर कई बातें रखी। सीएम ने कहा कि VB-G RAM G में दिए गए 60 दिन के कृषि ब्रेक को लेकर भ्रम फैलाया गया है। इस व्यवस्था का मकसद साफ है। किसान को सही समय पर मजदूर मिले और मजदूर का रोजगार अधिकार सुरक्षित रहे।
ग्रामीण रोजगार के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित करने के लिए ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत 1,51,282 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया जाएगा। देश को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है और गलत सूचना फैलाई जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वीबी-जी राम जी योजना मनरेगा से एक कदम आगे है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत -जी राम जी’ विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही यह अब ‘विकसित भारत -जी राम जी’ अधिनियम, 2025 बन गया है और इस संबंध में एक अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक बयान में इसे भारत के ग्रामीण रोजगार और विकास ढांचे में एक निर्णायक सुधार बताया है।
पिछले सप्ताह विपक्ष के विरोध के बीच संसद ने वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित किया था। इसका उद्देश्य मौजूदा ग्रामीण रोजगार कानून ‘मनरेगा’ को प्रतिस्थापित करना है और प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्त वर्ष 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करना है। सरकार के अनुसार, नयी योजना का लक्ष्य ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है।
मंत्रालय ने कहा कि 125 दिनों का रोजगार प्रदान करने के अलावा, यह अधिनियम राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की विराम अवधि अधिसूचित करने का अधिकार देकर बुवाई और कटाई के समय के दौरान कृषि श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता को भी सुगम बनाता है। इस बीच इस को लेकर देश भर में विपक्ष सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रही है।
ग्रामीण रोजगार परिदृश्य में आने वाले समय में बड़े बदलाव के संकेत हैं तथा यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गर्मा सकता है। क्योंकि 2025 वह साल रहा जिसमें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान लागू की गई व दो दशक पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है।