भागीरथपुरा जलकांड के बाद सरकार की बड़ी सौगात, सीएम मोहन यादव ने इंदौर में 800 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना’ पैकेज-1 की नींव रखी
By मुकेश मिश्रा | Updated: January 14, 2026 18:12 IST2026-01-14T18:11:07+5:302026-01-14T18:12:03+5:30
दिवंगत नागरिकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ा के समय राजनीति अनुचित है, इंदौर सकारात्मक सोच से आगे बढ़ेगा।

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इंदौरः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली स्वच्छ जल परियोजना का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार, प्रशासन और नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ नागरिकों के साथ खड़ी है।मकर संक्रांति पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। उन्होंने दिवंगत नागरिकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ा के समय राजनीति अनुचित है, इंदौर सकारात्मक सोच से आगे बढ़ेगा।
डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परियोजना से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और अब स्वच्छ जल अभियान के तहत हर घर तक शुद्ध पानी पहुँचाना सरकार का संकल्प है।इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नर्मदा जल परियोजना इंदौर के जनसंघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। नर्मदा के बिना इंदौर का वर्तमान स्वरूप संभव नहीं था।
उन्होंने सफाई कर्मियों और नागरिकों की सहभागिता को इंदौर की असली ताकत बताते हुए कहा कि “इंदौर नंबर वन था, है और रहेगा।”जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में साकार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा, बाबा साहब अंबेडकर और लता मंगेशकर की प्रतिमाओं का पूजन किया। यादव ने इंदौर की पेयजल दुर्घटना को लेकर कांग्रेस के खिलाफ मौतों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि प्रमुख विपक्षी दल के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये को शहर के लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रशासन ने शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है।
जबकि स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 23 मरीजों के दम तोड़ने का दावा किया है। मृतकों की तादाद को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए 'डेथ ऑडिट' की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत उल्टी-दस्त के प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।
मुख्यमंत्री यादव ने मकर संक्राति के अवसर पर इंदौर में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली ‘अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना’ के पैकेज-1 की नींव रखी। उन्होंने इस मौके पर आयोजित समारोह में भागीरथपुरा की पेयजल त्रासदी को लेकर कहा कि उनके मन में इस घटना को लेकर पीड़ा है और उनकी सरकार ने कष्ट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की है।
उन्होंने इंदौर को ‘देश में सबसे तेज गति से विकसित हो रहा शहर’ करार दिया और कहा कि यह नगर बीते दिनों की कठिनाई से उबरकर फिर से तरक्की की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प कर रहा है। यादव ने पेयजल दुर्घटना के संदर्भ में कहा,‘‘हमने कठिनाई के इस दौर को पूरी संवेदना के साथ महसूस किया है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के लोग केवल राजनीति करने के लिए आपदा में भी अवसर ढूंढते हैं।
आप (कांग्रेस नेता) अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे, तो इंदौर का कोई भी व्यक्ति इस बात को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।’’ उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए ‘सकारात्मक विरोध’ करे। मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘आपने (कांग्रेस) बात निकाली, तो बात दूर तलक जाएगी।
देश और प्रदेश की जनता के साथ कांग्रेस ने इतने पाप किए हैं कि इन्हें गिना जाए तो किसी व्यक्ति के सिर के बाल भी कम पड़ जाएं।’’ उन्होंने कहा कि पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में नर्मदा नदी का जल पहुंचाने का श्रेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों को जाता है और लंबे वक्त तक सत्ता में रही कांग्रेस ने अंचल की जनता को इस नदी के पानी के लिए तरसाते हुए विकास अवरुद्ध कर दिया था।
यादव ने रेखांकित किया कि सूबे में भाजपा की सरकार ने खेती के सिंचित रकबे को 7.50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 56 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा दिया है। इंदौर की पेयजल दुर्घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा पर लगातार तीखे हमले किए जा रहे हैं। कांग्रेस 11 जनवरी (रविवार) को शहर की सड़कों पर उतरी थी और इस त्रासदी के लिए मुख्यमंत्री यादव की माफी के साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की थी।
कांग्रेस ने पेयजल त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की थी। दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से कई लोगों की मौत के कारण सुर्खियों में आया भागीरथपुरा इलाका, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है।