रसायन मुक्त भूमि, जैविक उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित करेगा केंद्र: शाह
By भाषा | Updated: December 16, 2021 22:20 IST2021-12-16T22:20:55+5:302021-12-16T22:20:55+5:30

रसायन मुक्त भूमि, जैविक उत्पादों को प्रमाणित करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित करेगा केंद्र: शाह
आणंद, 16 दिसंबर केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसानों को उनकी जैविक रूप से उत्पादित वस्तुओं का अधिक मूल्य दिलाने में मदद करने के लिए, उनके मंत्रालय ने योजना तैयार की है तथा ऐसे उत्पादों को प्रमाणित करने और रासायनिक उर्वरक मुक्त भूमि को सत्यापित करने के लिए देश भर में प्रयोगशालाएं खोली जायेंगी।
गुजरात के आणंद में आयोजित 'प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ में अपने संबोधन के दौरान शाह, जो कि गृह मंत्री भी हैं, ने यह घोषणा की।
शाह के अनुसार, अगर किसान ऐसे उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच प्राप्त करते हैं तो वे बड़ी संख्या में जैविक खेती को अपनाएंगे।
शाह ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमारे सामने ध्येय, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ब्रांड नाम के साथ प्रमाणित जैविक उत्पादों की आपूर्ति करना है। सहकारिता मंत्रालय देश में प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क स्थापित करने का प्रयास कर रहा है जो न केवल जैविक उत्पादों को प्रमाणित करेगा, बल्कि उस भूमि को भी प्रमाणित करेगा जिसमें वे उगाए गए हैं कि वे भूमि रासायनिक उर्वरक के प्रभवों से मुक्त भी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इससे किसानों को उनके जैविक उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अमूल और कुछ अन्य सहकारी संस्थाएं इस पर काम कर रही हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी जैविक कृषि उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक कीमत प्राप्त करेगी।’’
मंत्री ने कहा कि प्रयोगशाला नेटवर्क को स्थापित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
शाह ने विश्वास जताया कि अगले एक साल में कम से कम दो राज्यों में जैविक उत्पादों को बेचने के लिए एक ‘‘विपणन श्रृंखला’’ स्थापित की जाएगी।
सहकारिता मंत्रालय इस साल जुलाई में देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया था और शाह को इस नये मंत्रालय का प्रभार दिया गया।
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