नई दिल्लीः सरकार ने शनिवार (14 फरवरी, 2026) को मोबाइल वेंचर कैपिटल के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) को मंजूरी दी और डीप टेक, तकनीक आधारित नवोन्मेषी विनिर्माण स्टार्टअप और प्रारंभिक विकास चरण के उद्यमों को समर्थन देने की घोषणा की। यह स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) योजना का दूसरा चरण था। पहला चरण 2016 में शुरू किया गया था। एफओएफ 2.0 को स्टार्टअप में निवेश की गति को बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका दायरा एफएफएस 1.0 से अधिक है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स’ योजना की दूसरी किश्त को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष निर्धारित किया गया है।
वैष्णव ने कहा कि इस योजना का मुख्य ध्यान उन्नत तकनीक पर आधारित स्टार्टअप, छोटे कोषों के माध्यम से शुरुआती विकास चरण के स्टार्टअप, तकनीक से प्रेरित नवाचारी विनिर्माण स्टार्टअप तथा विभिन्न क्षेत्रों और विकास के अलग-अलग चरणों में कार्यरत स्टार्टअप पर रहेगा।
मंत्री ने कहा कि कार्य संचालन में लचीलापन रखा जाएगा, जिसमें गहन प्रौद्योगिकी और उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण को वित्तीय सहायता देने वाले वैकल्पिक निवेश कोषों में सरकार का अधिक योगदान भी शामिल होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहरी कायाकल्प के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कोष को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को एक लाख करोड़ रुपये की कुल केंद्रीय सहायता के साथ ‘अर्बन चैलेंज फंड’ (यूसीएफ) शुरू करने को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार परियोजना की लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा वहन करेगी, बशर्ते कि कम से कम 50 प्रतिशत धन बाजार से जुटाया गया हो।