नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बनाई है और ज़रूरी आयात पर निर्भरता कम की है। साथ ही, हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को फायदा हो। रोज़गार पैदा करने, कृषि उत्पादकता, परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को यूनिवर्सल सर्विस देने के लिए सुधार किए गए हैं। इन उपायों से लगभग 7% की हाई ग्रोथ रेट मिली है और हमें गरीबी कम करने और हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पढ़ना शुरू किया। हमने आर्थिक सुधारों के साथ राजकोषीय सूझबूझ को बनाये रखा है, हमारी नीतियों के कारण वृद्धि मजबूत हुई है और गरीबी में कमी आई है। हमारी सरकार ने कोरी बयानबाजी के बजाए सुधारों पर ध्यान दिया। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं युवा तक पहुंचे।
यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में पेश किया जा रहा है और इसके साथ हमने तीन प्रमुख कर्तव्य तय किये हैं, अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना, लोगों की आंकाक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास करना। देश ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में कदम उठाना जारी रखेगा।
आज हम ऐसे बाहरी परिवेश का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद हो गए हैं अनिवार्य। सीतारमण ने कहा, "जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।"