नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर के तौर पर 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाएंगे: मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी हैं।" तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खुलेंगे, मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हब्स को समर्थन मिलेगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान किया है।
एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी को देखते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता का प्रस्ताव किया है। बजट में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में 'कंटेंट लैब' की स्थापना के लिए भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई को सहायता देने का प्रस्ताव।
भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं। हम 5 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की।
लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार, छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए जोखिम गारंटी कोष स्थापित करने का भी प्रस्ताव करती है।
सीतारमण ने कहा कि घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए निर्माण व अवसंरचना उपकरणों के संवर्धन को एक योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आईसीएआई, आईसीएसआई जैसे व्यावसायिक संस्थानों को अल्पकालिक ‘मॉड्यूलर’ पाठ्यक्रम तैयार करने में सहायता देने का भी प्रस्ताव करती है।