नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए, मैं राज्यों को देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव करती हूं।" मंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू की। विदेशी टूर पैकेज पर TCS दरों में सरकार ने की कटौती है। सीतारमण ने रविवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 'चैंपियन' लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) को तैयार करने को 10,000 करोड़ रुपये का कोष स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे को आयकर से छूट देने का प्रस्ताव किया। छात्रों, तकनीकी पेशेवरों और स्थानांतरित एनआरआई जैसे छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना का प्रस्ताव रखा है। विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) की दर को पहले 20 प्रतिशत और फिर पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किया गया है।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण की एक योजना का भी प्रस्ताव दिया। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर केंद्रित मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और पांच उप-भागों वाले एक एकीकृत कपड़ा कार्यक्रम का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है। इसके अलावा, खादी हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को इस्पात और सीमेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत सरकार देश में सीप्लेन (समुद्री विमान) के निर्माण के लिए प्रोत्साहन देगी।
सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। मंत्री ने शहरों के बीच विकास संपर्क के रूप में सात उच्च गति वाले गलियारे विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा, अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक जहाज मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिसे वाराणसी और पटना में स्थापित किया जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, आज भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बही-खाता, ऐतिहासिक ऊंचाई और लाभप्रदता, बेहतर संपत्ति गुणवत्ता और कवरेज है।
बजट में आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने का प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। इस कोष की घोषणा 2023 में की गई थी ताकि उन एमएसएमई में 50,000 करोड़ रुपये की ‘इक्विटी वित्तपोषण’ डाला जा सके जिनमें बड़ी इकाइयों में विकसित होने की क्षमता और व्यवहार्यता हो। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने पांच उप-भागों वाला एक एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया।
यह एक ऐसा कदम जो इस क्षेत्र की मदद कर सकता है जो (क्षेत्र) अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। अपने बजट भाषण में उन्होंने प्राकृतिक फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना तथा राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा।
मंत्री ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों से की जाने वाली सभी खरीद के लिए टीआरईडीएस को लेनदेन मंच बनाने का भी प्रस्ताव रखा। टीआरईडीएस मंच, रिसिवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल), सिडबी और एनएसई द्वारा प्रवर्तित एक संयुक्त उद्यम है। मंत्री ने कहा कि सरकार छोटे व मझोले शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेगी।
सीतारमण ने रविवार को नगर निगम द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी लिमिटेड (पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के पुनर्गठन की भी घोषणा की।
मंत्री ने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बैलेंस शीट और ऐतिहासिक रूप से उच्च लाभप्रदता है। उन्होंने अपने बजट भाषण में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का रविवार को प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दो स्थानों पर उच्च प्रौद्योगिकी वाले ‘टूल रूम’ स्थापित किए जाएंगे।
सीतारमण ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिवेश बनाने के लिए कंटेनर निर्माण को एक योजना का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए तीन समर्पित रासायनिक पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। यह कदम देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों के बीच उठाया गया है।
मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन मूल्य में करीब 30 गुना वृद्धि देखी गई जो वित्त वर्ष 2014-15 में 18,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गई। भारत से आईफोन का निर्यात 2025 में 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह 2024 में एप्पल द्वारा निर्यात किए गए 1.1 लाख करोड़ रुपये के करीब दोगुना है।
देश में मोबाइल फोन का उत्पादन चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक करीब 6.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक या लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। अगस्त, 2025 तक देश के छह राज्यों में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ 10 सेमीकंडक्टर विनिर्माण तथा पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो।’’
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे। जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ सुधारों की रफ्तार तेज है और यह सिलसिला जारी रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।