नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। इस कदम से देश के दवा उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ‘बायोफार्मास्युटिकल्स’ या ‘बायोलॉजिक्स’ ऐसे जटिल औषधीय उत्पाद होते हैं, जिन्हें रासायनिक संश्लेषण के बजाय जीवों, कोशिकाओं या ऊतकों से तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री ने विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा समेत छह प्रमुख क्षेत्रों के लिए ठोस पहल करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि 'सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' का ध्यान पूर्ण-स्टैक भारतीय आईपी (बौद्धिक संपदा) के लिए डिजाइन किए गए उपकरणों और सामग्रियों के उत्पादन पर होगा। भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का एक विशिष्ट और स्वायत्त प्रभाग है।
इसका उद्देश्य देश में एक टिकाऊ सेमीकंडक्टर और ‘डिस्प्ले’ पारिस्थितिकी तंत्र का विनिर्माण करना है। सीतारमण ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों में महत्वपूर्ण खनिज सुविधाएं स्थापित करने के लिए सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' सरकार का तीसरा 'कर्तव्य' है।
मोदी सरकार ने 'मिशन पूर्वोदय' के जरिए पूर्वोत्तर को विकास की नई रफ्तार, 4000 ई-बस चलाने की योजना है। सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक ‘लॉजिस्टिक’ केंद्रों के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करेगी। लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए सीतारमण ने देश के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने की भी घोषणा की।
देश में 700 से अधिक जिले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में मुंबई स्थित ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में ‘कंटेंट लैब’ स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव है। सीतारमण ने रविवार को कहा कि आयकर अधिनियम 2025 को एक अप्रैल से लागू किया जाएगा और इसके नियम तथा ‘टैक्स रिटर्न’ फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।
एक अप्रैल से आयकर अधिनियम 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। बजट 2026-27 में कर कानूनों में किए गए बदलावों को इस नए कानून में शामिल किया जाएगा। सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा।
सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।’’ उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें। वर्ष 2025 का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसने केवल प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है, अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है।
सीतारमण ने अपने 2026-27 के बजट भाषण में कहा कि सरकार अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कर हस्तांतरण राशि के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये प्रदान करेगी जबकि शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
सरकार ऋण समेकन के राजकोषीय विवेकपूर्ण मार्ग पर आगे बढ़ रही है जिससे 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटा (सरकारी व्यय और आय के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने अपने 2024-25 के बजट भाषण में कहा था कि 2026-27 से राजकोषीय नीति का उद्देश्य राजकोषीय घाटे को इस प्रकार नियंत्रित करना होगा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का ऋण घटता रहे। वर्ष 2024 में सामान्य सरकारी ऋण-से-जीडीपी अनुपात 85 प्रतिशत रहा था जिसमें केंद्र सरकार का ऋण 57 प्रतिशत था।
भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए तीन से चार प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक अनुकूल एवं वांछनीय लक्ष्य माना जाता है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार तथा वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना है। सीतारमण ने रविवार को अपने भाषण में कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025, एक अप्रैल से लागू होगा।