लाइव न्यूज़ :

RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने कहा- मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में बैंकों के कर्ज लक्ष्य वहनीय नहीं

By भाषा | Updated: June 2, 2020 05:03 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के प्रभाव से दबी अर्थव्यवस्था को उठाने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस घोषणा में छोटे, कुटीर और मध्यम दर्जे के उद्योगों को तीन लाख करोड़ रुपये तक का गारंटी रहित कर्ज देने की घोषणा की गई है।

Open in App
ठळक मुद्देरिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर. गांधी ने सोमवार को सरकार के प्रोत्साहन पैकेज की क्षमता को लेकर शंका जताई है। उनका मानना है कि पैकेज के तहत छोटे व्यवसायियों, कृषि और बिजली वितरण कंपनियों को कुल मिलाकर 7.9 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण ‘‘व्यवहार्य’’ नहीं दिखता है।

मुंबईः रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर. गांधी ने सोमवार को सरकार के प्रोत्साहन पैकेज की क्षमता को लेकर शंका जताई है। उनका मानना है कि पैकेज के तहत छोटे व्यवसायियों, कृषि और बिजली वितरण कंपनियों को कुल मिलाकर 7.9 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण ‘‘व्यवहार्य’’ नहीं दिखता है। उन्होंने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक को कर्ज के एकबारगी पुनर्गठन पैकेज को एक बार फिर से पेश करना चाहिये। कोविड- 19 जैसे महामारी के समय में केवल कर्ज किस्त की वापसी पर रोक लगाने से ही काम नहीं चलेगा। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के प्रभाव से दबी अर्थव्यवस्था को उठाने के लिये 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इस घोषणा में छोटे, कुटीर और मध्यम दर्जे के उद्योगों को तीन लाख करोड़ रुपये तक का गारंटी रहित कर्ज देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये दो लाख करोड़ रुपये बैंकों से उपलब्ध कराने की बात कही गई है। नकदी की तंगी से जूझ रही बिजली वितरण कंपनियों को उबारने के लिये 90,000 करोड़ रुपये की नकदी देने का भी इसमें वादा किया गया है। 

गांधी रिजर्व बैंक में रहते हुये बैंकिंग नियमन कारोबार को देखते रहे हैं। उनका कहना कि पूरे वित्त वर्ष 2019- 20 में जब आर्थिक वृद्धि में गिरावट नहीं आई थी तब सभी बैंकों ने मिलकर वर्ष के दौरान छह लाख करोड़ रुपये का अधिक रिण दिया था। अब इस स्तर पर कर्ज वितरण होगा यह कैसे माना जा सकता है। 

गांधी ने कहा कि अर्थव्यवसथा में अन्य क्षेत्र भी हैं जिन्हें कर्ज की जरूरत होगी। यदि अन्य क्षेत्र कर्ज लेते हैं तो यह आंकड़ा 7.9 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त होगा। रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर यहां एक आनलाइन वेबिनार में बोल रहे थे। इसका आयोजन भुगतान प्रणाली कंपनी ‘इलेक्ट्रानिक पेमेंट्स एण्ड सविर्सिज’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

उन्होंने कहा, ‘‘पैकेज की व्यवहार्यता .... यह वास्तव में संभव नहीं दिखाई देता है क्योंकि इसमें सरकार ने जो गणना की है वह वास्तव में सरकार के खुद के आकलन के आधार पर ही आधारित दिखाई देती है।’ 

टॅग्स :कोरोना वायरसनरेंद्र मोदीभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबारBank Holiday Today: घर से निकलने से पहले चेक कर लें बैंक हॉलिडे लिस्ट, बस एक क्लिक से जानें आज बैंक बंद या खुले?

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

कारोबारBank Holiday Today: 1 अप्रैल को बैंक जाने की गलती न करें, बंद रहेंगे पब्लिक विंडो; जानें क्या है कारण

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारIncome tax filing 2026: इनकम टैक्स पोर्टल में हुए हैं ये बदलाव, इन टिप्स को फॉलो करने से होगी समय और मेहनत की बचत

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: तेल संकट का असर या राहत? जानिए 5 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित