10 मिनट में सामान पहुंचाने की सेवा समाप्त?, सरकार की सख्ती के बाद जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स आपूर्ति की ब्रांडिंग हटाई
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 14, 2026 20:52 IST2026-01-14T20:51:03+5:302026-01-14T20:52:32+5:30
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह हितधारकों के साथ हुई एक बैठक में क्विक कॉमर्स कंपनियों से डिलीवरी साझेदारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा था।

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नई दिल्लीः सरकार की सख्ती के बाद 10 मिनट में सामान पहुंचाने की अपनी सेवाओं की ब्रांडिंग को ब्लिंकिट के बाद त्वरित आपूर्ति कंपनियों जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी हटा दिया है। यह कदम चंद मिनटों में सामान पहुंचाने की जल्दबाजी के चलते आपूर्तिकर्ताओं की सुरक्षा एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार और श्रमिक अधिकार समूहों की चिंताओं के बाद उठाया गया है।
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह हितधारकों के साथ हुई एक बैठक में क्विक कॉमर्स कंपनियों से डिलीवरी साझेदारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा था। मांडविया ने सुझाव दिया था कि सामान को पहुंचाने की सख्त समय-सीमा, खासकर 10 मिनट में डिलीवरी जैसी प्रतिबद्धताएं हटाई जानी चाहिए।
विशेषज्ञ यह आशंका जता चुके हैं कि अत्यधिक त्वरित आपूर्ति का वादा डिलीवरी करने वाले कामगारों पर अनावश्यक दबाव डालता है, जिससे सड़क सुरक्षा से समझौता हो सकता है और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। सरकार के निर्देश के बाद ब्लिंकिट ने मंगलवार को 10 मिनट में आपूर्ति की सेवा संबंधी वादे को अपने मंच से हटा दिया था।
बुधवार को जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपने मंच से 10 मिनट में सामान पहुंचाने का वादा करने वाली ब्रांडिंग को हटा दिया। हालांकि इस संबंध में टिप्पणी के लिए इन त्वरित आपूर्ति कंपनियों से तत्काल संपर्क नहीं किया जा सका। देश के भीतर चंद मिनटों में सामान पहुंचाने का कारोबार हाल के वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ा है।
लेकिन इसके दबाव में डिलीवरी साझेदारों की कामकाजी स्थितियों और सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। दस मिनट में डिलीवरी की सेवा के विरोध में गिग वर्करों ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशव्यापी हड़ताल की थी, जिसने कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आय की ओर ध्यान आकर्षित किया।