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निशांत सक्सेना का ब्लॉग: विदेशी प्रजातियों से जैव विविधता को खतरा

By निशांत | Updated: September 6, 2023 11:12 IST

रिपोर्ट में घुसपैठ करने वाली आक्रामक विदेशी प्रजातियों को दुनिया भर में जैव विविधता को हो रहे नुकसान के मुख्य प्रत्यक्ष कारकों में से एक के रूप में पहचाना गया है.

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ठळक मुद्देवर्ष 2019 में घुसपैठिया एलियन प्रजातियों की वजह से वैश्विक स्तर पर सालाना 423 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ. यह प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले अनुमानित वैश्विक नुकसान से अधिक है.वर्ष 1970 के बाद से हर दशक में घुसपैठिया एलियन प्रजातियों की वजह से होने वाला वार्षिक नुकसान कम-से-कम चार गुना हो गया है.

जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर आधारित अंतर सरकारी मंच यानी इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम सर्विसेज (आईपीबीईएस) ने एक नई रिपोर्ट- ‘द असेसमेंट रिपोर्ट ऑन इनवेसिव एलियन स्पेशीज एंड देयर कंट्रोल’ जारी की है. इस रिपोर्ट में घुसपैठ करने वाली आक्रामक विदेशी प्रजातियों को दुनिया भर में जैव विविधता को हो रहे नुकसान के मुख्य प्रत्यक्ष कारकों में से एक के रूप में पहचाना गया है.

एक आक्रामक घुसपैठिया प्रजाति किसी भी तरह का जीव हो सकता है - एक एम्फीबियन (जैसे कि केन टोड), पौधा, कीट, मछली, फंगस या कवक, बैक्टीरिया या यहां तक कि किसी जीव के बीज या अंडे भी, जो किसी पारिस्थितिकी तंत्र का मूल निवासी नहीं है और उसे नुकसान पहुंचाता है. वे पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और यहां तक कि मानव स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं.

ऐसी प्रजातियां जो तेजी से बढ़ती, प्रजनन करती हैं और आक्रामक रूप से फैलती हैं और जिससे इस इकोसिस्टम के मूल निवासी पेड़-पौधे, कीट-पतंगे या जीव-जंतु पनपना बंद कर देते हैं. 

घुसपैठ कर रही प्रजाति इतनी फैल जाती है कि किसी दूसरी प्रजाति के लिए जगह नहीं बचती. इस तरह यह मूल प्रजातियों को जड़ से साफ कर देते हैं.रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी प्रजातियों (मानव गतिविधियों के माध्यम से नए क्षेत्रों में लाई गई प्रजातियों) की संख्या सभी क्षेत्रों में सदियों से लगातार बढ़ रही है, लेकिन अब उनमें अभूतपूर्व दर से वृद्धि हो रही है. 

रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि सभी एलियन (विदेशी) प्रजातियां जैव विविधता, स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और प्रजातियों पर नकारात्मक प्रभाव डालकर स्थापित नहीं होतीं और न ही फैलती हैं. फिर भी लगभग 6 प्रतिशत एलियन पौधे; 22 प्रतिशत एलियन अकशेरुकी( इन-वर्टिब्रेट), 14 प्रतिशत एलियन कशेरुकी;( वर्टिब्रेट) और 11 प्रतिशत विदेशी रोगाणु घुसपैठिया माने जाते हैं, जो प्रकृति और लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं. 

दुनिया भर में 3500 से अधिक घुसपैठिया एलियन प्रजातियों सहित 37000 से अधिक स्थापित एलियन प्रजातियां दर्ज की गई हैं. रिपोर्ट में दर्ज 60 प्रतिशत वैश्विक पौधों और जानवरों के विलुप्त होने में घुसपैठिया एलियन प्रजातियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वर्ष 2019 में घुसपैठिया एलियन प्रजातियों की वजह से वैश्विक स्तर पर सालाना 423 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ. 

यह प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले अनुमानित वैश्विक नुकसान से अधिक है. वर्ष 1970 के बाद से हर दशक में घुसपैठिया एलियन प्रजातियों की वजह से होने वाला वार्षिक नुकसान कम-से-कम चार गुना हो गया है.

टॅग्स :Environment DepartmentIndia
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