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ब्लॉग: 5G की शुरुआत, इंटरनेट की नई गति से क्या बढ़ जाएगी डाटा असुरक्षा?

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: October 3, 2022 12:10 IST

कल तक जो काम 10 मिनट में डाउनलोड होने का था, वह अब 5जी में यदि आधे सेकंड में हो जाता है तो खतरे को भांपना जरूरी है. बैंकों ने इंटरनेट बैंकिंग के लिए दोहरे सुरक्षा उपाए किए हैं, किंतु फिर भी कई क्षेत्र अभी खतरे से खाली नहीं हैं.

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हर इंसान के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके इंटरनेट के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम के तहत शनिवार को भारत में 5जी नेटवर्क की शुरुआत हुई. इस सेवा के शुरू होने के बाद डाटा नेटवर्क की गति दो जीबी से बढ़कर बीस जीबी प्रति सेकंड तक पहुंच जाएगी. पहले चरण में देश के आठ शहरों अहमदाबाद, बेंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम और हैदराबाद में 5जी सेवाएं शुरू की जा रही हैं. 

इसके बाद अगले साल मार्च तक देश के सभी शहरी इलाकों में सेवाएं शुरू हो जाएंगी. हालांकि एक तरफ जहां इसके फायदे गिनाए जा रहे हैं, वहीं इससे डाटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं अपनी जगह बढ़ गई हैं. भविष्य में एक तरफ जहां तेज रफ्तार 5जी नेटवर्क से रोबोट, ड्रोन और ऑटोमेटिक वाहनों तक का संचालन आसान होगा, शल्य चिकित्सक दूर बैठकर भी सर्जरी में चिकित्सकों का मार्गदर्शन कर सकेंगे और स्मार्ट चिकित्सा उपकरण आपात मामलों में रोगियों को कम समय में बेहतर सलाह दे पाएंगे, वहीं दूसरी तरफ पुरानी से लेकर नई तक, किसी भी सेवा में डाटा सुरक्षा की कोई बहुत बड़ी भूमिका नहीं होने से गड़बड़ी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकेगा. 

वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम डाटा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. उसमें गलत काम करने और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ प्रावधान हैं, किंतु डाटा संग्रहण, डाटा माइनिंग, डाटा चोरी को लेकर सख्त प्रावधान नहीं हैं. इसलिए सरकार को तकनीकी प्रगति के साथ डाटा सुरक्षा की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि भारत के मौजूदा इंटरनेट के आधारभूत ढांचे में कई कमियां हैं, जो वर्तमान के डाटा सुरक्षा के उपायों को लगातार चुनौती देते रहते हैं. 

कल तक जो काम 10 मिनट में डाउनलोड होने का था, वह अब 5जी में यदि आधे सेकंड में हो जाता है तो खतरे को भांपना जरूरी है. बैंकों ने इंटरनेट बैंकिंग के लिए दोहरे सुरक्षा उपाए किए हैं, किंतु अन्य क्षेत्र अभी खतरे से खाली नहीं हैं या यह भी माना जा सकता है कि जितनी आसानी से इंटरनेट मिल रहा है, उतनी आसानी सुरक्षा के लिए नहीं मिल रही है या फिर उस पर खर्च बहुत अधिक है. 

इसलिए अब डाटा सुरक्षा कानून की नितांत आवश्यकता है. सरकार को चाहिए कि वह इंटरनेट की दुनिया की वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए जल्द से जल्द सुरक्षा के उपाय की व्यवस्था करे, जिससे गति का आनंद लेते समय खतरों का सामना न करना पड़े.

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