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निरंकार सिंह का ब्लॉगः क्वांटम कम्प्यूटर से बदलेगी दुनिया

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 3, 2019 20:37 IST

2017 में चीनी सरकार ने जिनान में एक गुप्त कम्युनिकेशन नेटवर्क स्थापित करने की भी घोषणा की थी. सेना, सरकार और निजी कंपनियों से जुड़े 200 यूजर ही इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. क्वांटम इन्फॉर्मेशन के क्षेत्र में दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता इसके महत्व को दर्शाती है.

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निरंकार सिंह: वरिष्ठ पत्रकारअमेरिका और चीन के बीच एक ऐसे ‘क्वांटम कम्प्यूटर’ के विकास के लिए होड़ चल रही है जो इस दुनिया को बदल देगा. सूचना तकनीक के क्षेत्र में यह उसी तरह की क्रांति होगी जैसे कि कम्प्यूटर के आने से हुई. अमेरिका ने 118 योजनाओं में लगभग 25 करोड़ डॉलर का निवेश प्रस्तावित किया है. 

उधर चीन सरकार हेफेई में नेशनल लेबोरेट्री ऑफ क्वांटम इन्फॉर्मेशन साइंस विकसित कर रही है. दस अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बनने वाले इस केंद्र के 2020 में शुरू होने की उम्मीद है. दो साल पहले ही चीन ने पहले क्वांटम कम्युनिकेशन सैटेलाइट को लॉन्च किया था. 

2017 में चीनी सरकार ने जिनान में एक गुप्त कम्युनिकेशन नेटवर्क स्थापित करने की भी घोषणा की थी. सेना, सरकार और निजी कंपनियों से जुड़े 200 यूजर ही इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. क्वांटम इन्फॉर्मेशन के क्षेत्र में दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता इसके महत्व को दर्शाती है. दरअसल यह तकनीक इतनी शक्तिशाली होगी कि दुनिया को बदल कर रख देगी.

क्वांटम तकनीक के विशेषज्ञों के अनुसार क्वांटम तकनीक सूचनाओं की प्रोसेसिंग में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है. सभी सूचनाएं बाइनरी सिस्टम में एनकोड होती है (लिखी जाती हैं)-यानी जीरो और वन में, लेकिन 60 के दशक में ये पता चला कि जहां ये सूचनाएं रखी जाती हैं वह जगह इनके इस्तेमाल को प्रभावित कर सकती है. इसका मतलब ये है कि हम सूचनाओं को कम्प्यूटर चिप पर स्टोर कर सकते हैं, जैसा कि हम आजकल कर रहे हैं, लेकिन हम उन जीरो और वन को अन्य बेहद सूक्ष्म सिस्टम में स्टोर कर सकते हैं जैसे कि एक अकेले परमाणु में या फिर छोटे-छोटे अणुओं में.

चीनी वैज्ञानिक एलेखांद्रो पोजास के अनुसार-ये परमाणु और अणु इतने छोटे होते हैं कि इनके व्यवहार को अन्य नियम भी निर्धारित करते हैं. ये नियम जो परमाणु और अणु के व्यवहार को तय करते हैं ये ही क्वांटम थ्योरी या क्वांटम दुनिया के नियम हैं. क्वांटम इन्फॉर्मेशन साइंस इन बेहद सूक्ष्म सिस्टम में दिखने वाले क्वांटम गुणों का इस्तेमाल करके सूचनाओं को ट्रांसमिट और प्रोसेस करने के काम में सुधार लाती है. यानी सीआईसी हमारे सूचनाओं को प्रोसेस करने के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव लाने का भरोसा देती है, जिससे विशेषज्ञों का मानना है कि क्वांटम साइंस हर चीज को बदल कर रख देगी. यही वजह है कि दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देश इस क्षेत्र में आगे होने के लिए प्रतिद्वंद्विता कर रहे हैं. 

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