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ब्लॉग: हरित ऊर्जा के उत्पादन में ही निहित है देश का भविष्य

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: September 28, 2024 07:02 IST

देश में इस समय सर्वाधिक सौर ऊर्जा उत्पादन राजस्थान कर रहा है, जिसकी क्षमता 23 गीगावाट की है।

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ऐसे समय में जबकि पूरी दुनिया मान रही है कि भविष्य हरित ऊर्जा में ही निहित है, महाराष्ट्र सरकार ने इस दिशा में चार समझौतों के जरिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिनमें 1.29 लाख करोड़ रु. का निवेश होगा।  राज्य सरकार ने गुरुवार को अपनी कंपनियों के माध्यम से हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तीन कंपनियों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें 82 हजार 299 करोड़ रुपए का निवेश होगा, जिससे 18 हजार 440 नौकरियां पैदा होंगी। एक अन्य समझौते के तहत 47 हजार करोड़ रु. का निवेश किया जाएगा।

इस तरह कुल निवेश १.२9 लाख करोड़ रुपए का होगा. जैसा कि समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया, जलविद्युत उत्पादन के लिए पंप स्टोरेज परियोजना (पीएसपी) के लिए हस्ताक्षरित समझौता हरित ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य का एक बड़ा कदम है। उल्लेखनीय है कि पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) एक प्रकार की जलविद्युत शक्ति प्रणाली है जो बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण सुविधा के रूप में कार्य करती है। यह कम ऊर्जा मांग के समय निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय में पानी पंप करके काम करती है और अधिकतम मांग के दौरान बिजली उत्पन्न करने के लिए इसे टर्बाइनों के माध्यम से वापस छोड़ा जाता है।

इसीलिए इसे ‘विशाल बैटरी’ का भी नाम दिया जाता है. राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में किए गए समझौते से 15,100 मेगावाट बिजली पैदा होगी। इससे पहले भी राज्य सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण पहल कर चुकी है। उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इससे पहले 55,970 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए अनुबंध हो चुके हैं, जिनमें 3 लाख करोड़ का निवेश हुआ है और 90,390 नौकरियां पैदा हो रही हैं।

भारत वैश्विक हरित ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। भारत 2030 तक हरित ऊर्जा से कुल 500 गीगावाट हासिल करना चाहता है, जिसमें से 280 गीगावाट सौर ऊर्जा से आएगा। अभी हालांकि देश के सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र का स्थान पांचवां है, जिसकी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता लगभग पांच गीगावाट है। देश में इस समय सर्वाधिक सौर ऊर्जा उत्पादन राजस्थान कर रहा है, जिसकी क्षमता 23 गीगावाट की है।

उसके बाद गुजरात भी दस गीगावाट से ज्यादा सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, जबकि कर्नाटक की क्षमता नौ गीगावाट से थोड़ा ज्यादा है और तमिलनाडु 7.3 गीगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है। लेकिन महाराष्ट्र जिस तरह से हरित ऊर्जा हासिल करने के क्षेत्र में कदम बढ़ा रहा है, उससे निश्चित रूप से वह देश के शीर्ष राज्यों में शामिल होगा।

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