डॉ. एस.एस. मंठा का ब्लॉग: स्टार्टअप के जरिये सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा दें

By डॉ एसएस मंठा | Published: April 25, 2022 03:50 PM2022-04-25T15:50:32+5:302022-04-25T15:52:54+5:30

आज जरूरत है कि हमारे विश्वविद्यालय सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें. इच्छुक उद्यमियों के साथ बिक्री परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है.

Need to romote Social Entrepreneurship Through Startups | डॉ. एस.एस. मंठा का ब्लॉग: स्टार्टअप के जरिये सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा दें

स्टार्टअप के जरिये सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी (फाइल फोटो)

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हम एक स्टार्टअप दुनिया में रह रहे हैं. मार्च 2022 तक के आंकड़ों के अनुसार हम देश के 642 जिलों में 66,359 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप के लिए तीसरा सबसे बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र हैं.

हमारा नवाचार केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है. हमारे स्टार्टअप 56 विविध औद्योगिक क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान करते हैं, जिसमें 13 प्रतिशत आईटी सेवाओं, 9 प्रतिशत स्वास्थ्य और जीव विज्ञान, 7 प्रतिशत शिक्षा, 5  प्रतिशत पेशेवर और वाणिज्यिक सेवाओं, 5 प्रतिशत कृषि व 5 प्रतिशत खाद्य-पेय क्षेत्र का समावेश है. यह स्टार्टअप इंडिया है.

स्टार्टअप क्या है? यह संचालन के पहले चरण में एक कंपनी है. यह एक या एक से अधिक उद्यमियों द्वारा स्थापित की जाती है जो एक उत्पाद या सेवा विकसित करना चाहते हैं जिसके बारे में उनका मानना है कि उसकी मांग है. स्टार्टअप आमतौर पर उच्च लागत और सीमित राजस्व के साथ शुरू होते हैं, यही वजह है कि उन्हें विभिन्न स्रोतों से पूंजी की आवश्यकता होती है.

पुराने दिनों में, जिन उद्यमियों के पास विचार थे, व्यवसाय की योजनाएं थीं, उन्होंने कंपनियां शुरू कीं और पैसा कमाया. उन्होंने ऋण से धन उत्पन्न किया, कड़ी मेहनत की, अपने और अपने निवेशकों के लिए मुनाफा कमाया. आज, उद्यमियों के पास व्यवसाय शुरू करने के अलग-अलग उद्देश्य हैं, जैसे उपभोक्ताओं के पास खरीदने के लिए अलग-अलग कारण होते  हैं. कुछ लोग सामाजिक जिम्मेदारी में विश्वास करते हैं, जैसे लोगों और दुनिया का भला करना. यह सामाजिक उद्यमिता है.

क्या स्टार्टअप्स को सिर्फ अपने लिए पैसा बनाना चाहिए? कुछ ऐसे भी हैं जो पैसा कमाने के अलावा सामाजिक कारणों को बढ़ावा देते हैं और सामाजिक उद्यमी हैं. वे लाभ कमाने वाले भी हो सकते हैं और लाभ नहीं कमाने वाले भी. यूएस चेंबर ऑफ कॉमर्स सामाजिक उद्यमिता का वर्णन करता है, जहां व्यक्ति, स्टार्टअप और उद्यमी ऐसे समाधान विकसित करते हैं और फंडिंग करते हैं जो सीधे सामाजिक कारणों से संबंधित होते हैं. इसलिए, एक सामाजिक उद्यमी वह है जो ऐसे व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देता है जो समुदायों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं.

हमारे स्टार्टअप और उद्यमी सामाजिक उद्देश्य के लिए क्या कर सकते हैं? संभवत: उनमें से कुछ होटल, रेस्तरां और खानपान व्यवसायों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति कर सकते हैं. अर्जित शुद्ध लाभ का 100 प्रतिशत जल किल्लत वाले क्षेत्रों और समुदायों को स्वच्छ जल समाधान प्रदान करने के लिए दान किया जा सकता है. 

एक मल्टीमीडिया कंपनी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्र की पढ़ाई को कहानियों के जरिये मजेदार बनाने का प्रयोग कर सकती है और उन युवा महिलाओं की इसमें सेवा ले सकती है, जिन्हें उद्योग में कम प्रतिनिधित्व दिया जाता है.

एक सामाजिक रूप से जागरूक उद्यमी को अपने जुनून को आगे बढ़ाना चाहिए. हमारे होटलों में बहुत सारा खाना बर्बाद हो जाता है और गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है. क्या किसी ऐसी सेवा के बारे में सोचा जा सकता है कि वह इच्छित तक पहुंचने के लिए पर्याप्त तेज हो? क्या ऐसे विचारों को क्रियान्वित किया जा सकता है?  

हमारे विश्वविद्यालयों को सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देना चाहिए. वे इच्छुक उद्यमियों के साथ बिक्री परामर्श कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं. शैक्षिक यात्रा जो दुनिया के विभिन्न विचारों को समझने में मदद करने के अलावा सीखने के अनुभवों की अनुमति देती है, को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. सामाजिक उद्यमिता के लिए विभिन्न पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक दृष्टिकोणों को समझना आवश्यक है. बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा के युग में, सामाजिक जिम्मेदारी व्यवसायों के बीच एक क्रांतिकारी कदम हो सकती है.

Web Title: Need to romote Social Entrepreneurship Through Startups

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