लाइव न्यूज़ :

सिकुड़ता नागपुर विधानसभा सत्र और भंग होतीं अपेक्षाएं!

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: December 8, 2025 05:41 IST

चुनावी आचार संहिता केे बीच सत्तापक्ष के समक्ष हमेशा की तरह विपक्ष से निपटने की कड़ी चुनौती है.

Open in App
ठळक मुद्देइतिहास में पहली बार विधानसभा और विधान परिषद में आधिकारिक रूप से कोई नेता प्रतिपक्ष नहीं होगा.विपक्ष के समक्ष राज्य में बेरोजगारी, महिला अत्याचार, किसानों की समस्याएं जैसे मुद्दे हैं.कांग्रेस पहले ही सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर घोटालों के आरोप लगा चुकी है.

अनेक प्रकार की आशंकाओं के बीच राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में होने जा रहा है. इस बार सत्र का आयोजन स्थानीय निकाय चुनावों के बीच होगा. दरअसल चुनाव तीन तारीख को ही निपट जाने चाहिए थे, लेकिन तकनीकी समस्याओं और अदालती आदेशों के चलते 24 नगर परिषद-नगर पंचायतों के चुनाव 20 दिसंबर तक टाल दिए गए, जिससे 21 दिसंबर को परिणाम आने के बाद चुनावी प्रक्रिया समाप्त होगी. इस बार सत्र के दिन तो कम हैं ही, साथ ही राज्य के इतिहास में पहली बार विधानसभा और विधान परिषद में आधिकारिक रूप से कोई नेता प्रतिपक्ष नहीं होगा.

पिछले सत्र से विपक्ष के नेता की मांग जोरदार ढंग से उठ रही है. विधानसभा में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में शिवसेना (ठाकरे गुट) ने भास्कर जाधव के नाम पर आवेदन किया था, लेकिन उस पर मानसून सत्र तक कोई निर्णय नहीं हो सका. प्रतिपक्ष का दावा है कि विपक्ष के नेता पद के लिए 10 प्रतिशत विधायकों वाला कोई घोषित नियम नहीं है.

इसी असंतोष के बीच विपक्ष वोट चोरी, ओबीसी आरक्षण, कर्ज माफी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगा. एक तरफ जहां राज्य सरकार पहला साल पूरा होने की खुशियां मना रही है और अपने कार्यों का गुणगान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के समक्ष राज्य में बेरोजगारी, महिला अत्याचार, किसानों की समस्याएं जैसे मुद्दे हैं.

कांग्रेस पहले ही सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर घोटालों के आरोप लगा चुकी है. विदर्भ में कृषि उपजों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान, बड़े उद्योगों को लाने जैसे विषय हैं. चुनावी आचार संहिता केे बीच सत्तापक्ष के समक्ष हमेशा की तरह विपक्ष से निपटने की कड़ी चुनौती है. उसकी रणनीति सदन में रखे जाने वाले सारे विधेयकों को पारित करवाने की होगी, साथ ही लग रहे आरोपों पर खुलकर जवाब देने का इरादा भी होगा.

यह भी ध्यान देने योग्य होगा कि नागपुर सत्र होने के कारण विधान मंडल के दोनों सदनों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही विपक्ष का मुकाबला करेंगे या फिर दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी पलटवार करते दिखाई देंगे. कुछ ही दिनों पहले स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे के बीच तनाव देखा जा चुका है.

किंतु सत्र से एक दिन पहले शिंदे भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के साथ मंच साझा करते देखे गए. इस स्थिति में सरकार के भीतर आपसी समन्वय को लेकर सवाल बने ही हुए हैं. केवल सात दिनों का सत्र और अनेक चिंताएं सबके सामने हैं. आम तौर पर उपराजधानी में सत्र कम से कम दो सप्ताह का होता आया है.

मगर पहले सत्र के आयोजन को लेकर आशंकाओं के बादल और फिर सात दिन की सीमा कहीं न कहीं विदर्भ के साथ बढ़ते अन्याय का संकेत दे रही है. सरकार को अपने संकटों का समाधान अपने ढंग से ढूंढ़ना चाहिए, किंतु शीत सत्र को एक औपचारिकता नहीं बनाना चाहिए. जिससे विदर्भ और उससे लगे मराठवाड़ा क्षेत्र की समस्याओं का हल निकले और सरकार को अपने करीब पाकर भी जनअपेक्षाएं भंग नहीं हों. 

टॅग्स :Maharashtra AssemblyNagpur
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट8 महिला श्रमिकों की मौत, नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर

भारततीन मेमू ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनें प्रभावित, बालाघाट-इतवारी मेमू पटरी से उतरी, कामठी और कलमना के बीच हादसा

भारतसोचें सोचने वाले, हम भी बड़े दिलवाले!, सुनने वालों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं?

भारतनीतीश कुमार के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री?, दिल्ली से लेकर नागपुर तक दौड़ लगा रहे भाजपा नेता, देखिए लिस्ट में कौन शामिल?

भारतकौन थे दत्ता मेघे?, 89 वर्ष की आयु में निधन

भारत अधिक खबरें

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

भारतक्या राघव चड्ढा किसी अन्य दल से जुड़े हुए हैं, पंजाब सीएम मान ने कहा-हां, समोसा और जहाज किराया पर बोल रहे थे और पंजाब मुद्दे पर नहीं, वीडियो