Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport: यह तो सुनने में ही बड़ी अजीब सी बात है कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार की शाम एयर इंडिया और इंडिगो के विमानों के पंख आपस में टकरा गए! एयर इंडिया की फ्लाइट कोयंबटूर के लिए उड़ान भरने की तैयारी में बैक हो रही थी और हैदराबाद से पहुंची इंडिगो की फ्लाइट लैंडिंग के बाद रनवे पर आगे बढ़ रही थी. विमानतल पर विमानों का पार्किंग क्षेत्र इतना बड़ा होता है और उड़ान से लेकर लैंडिंग तक के लिए इफरात जगह होती है.
इसके अलावा उड़ान और लैंडिंग पर नजर रखने के लिए पूरा सिस्टम होता है. यहां तक कि उड़ान के लिए जब विमान पीछे हट रहा होता है या लैंडिंग के बाद पार्किंग में आ रहा होता है तब भी ग्राउंड स्टाफ उस पर नजर रखता है. तकनीकी तौर पर तो नजर रखी ही जाती है. फिर इन दोनों विमानों के पंख कैसे टकराए?
निश्चित रूप से इसके लिए दोनों में से कोई न कोई पायलट, या दोनों पायलट और ग्राउंड के साथ तकनीकी स्टाफ भी जिम्मेदार जरूर है. सवाल केवल इतना है कि असली जिम्मेदार कौन है? मगर इस सवाल का तत्काल जवाब नहीं दिया गया. केवल इतना कहा गया कि दोनों विमानों को जांच-पड़ताल के लिए ले जाया गया कि क्या नुकसान हुआ है.
साथ में यह भी कहा गया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. निश्चित रूप से यह सुकून की बात है लेकिन यह तो पता चलना ही चाहिए कि दुर्घटना के लिए दोषी कौन है? हवाई यात्रा को हम बहुत सुरक्षित मानकर चलते हैं. वैश्विक स्तर पर सुरक्षा की दृष्टि से हमारी रैंकिंग में सुधार भी हुआ है लेकिन जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो दिल दहल जाता है.
हवाई यात्रा एक ऐसा क्षेत्र है जहां रत्ती भर भी त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होती. जरा सी चूक यात्रियों के लिए जानलेवा हो जाती है. अभी-अभी हमने महाराष्ट्र के प्रखर नेता अजित पवार को हवाई दुर्घटना में खोया है. अब मुंबई में विमानों के पंख टकराने की इस घटना ने यही संदेश दिया है कि विमानन क्षेत्र में जो सतर्कता बरती जानी चाहिए, वह शत-प्रतिशत नहीं बरती जा रही है.
इस तरह की घनघोर लापरवाही किसी दिन और बड़ी दुर्घटना को जन्म देगी. डीजीसीए को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और इतनी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि लापरवाही करने वाला हर व्यक्ति दो बार सोचे कि वह चैतन्य है या नहीं? अन्यथा ऐसी दुर्घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं. लापरवाह लोगों के लिए विमानन क्षेत्र में कोई स्थान नहीं होना चाहिए.