Blog: social media Internet troll recently suhana khan and aamir khan daughter trolled | Blog: मुद्दा चाहे जो भी हो, ट्रोलर्स अपनी गंदी मानसिकता से बाज नहीं आते

ब्लॉग की तस्वीर देखकर तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं आजकल सोशल मीडिया पर फेक आईडी के पीछे छुपकर ट्रोल करने वालों के बारे में बात कर रही हूं। ट्रोलर्स के लिए मुद्दा चाहे कोई भी वह अपनी मर्जी से वहां मसाल निकाल ही लेते हैं। जिसका सबसे ज्यादा शिकार होते हैं बॉलीवुड सेलिब्रिटी। ताजा उदारहण शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान की है। 

सुहाना खान ने बिकिनी में एक फैमली हॉलिडे की तस्वीर शेयर की है। पहली नजर में देखते ही मन किया कि एक हार्ट रिएक्ट करके, कमेंट में लिखूं- suhana you are so beautiful। लेकिन जैसे ही कमेंट बॉक्स खुला दिमाग खराब हो गया। लोगों ने वहां कमेंट बॉक्स में अपनी गंदी सोच का परिचय देते हुए जो घटिया बातें लिखी, उसे तो मानों घिन सी आने लगी।


ये ट्रोलर्स तस्वीर चाहे कैसी भी अपनी मर्जी से वहां मसाल निकाल ही लेते हैं, फिर सभ्य शब्दों में ट्रोलिंग का सिलसिला शुरू करते हैं। इस तस्वीर को लेकर किसी ने सुहाना के बिकिनी पर आपति जताई तो किसी ने कहा शाहरुख को कहा कैसे पिता हैं जो अपनी बेटी को ऐसे संस्कार देते हैं, तो किसी ने सुहाना को यह सलाह दी कि मुस्लिम हो तो मुस्लिम जैसे रहो। किसी ने तो यह तक लिख डाला कि ये अपने जिस्म की नुमाईश कर रही हैं, तो किसी ने इन्हें बु्र्का पहने की सलाह दी। 

सुहाना की इस तस्वीर को उन्होंने धर्म से जोड़ा और ऐसा पहली बार नहीं है, जब पिछली बार रमजान के पवित्र महीने में आमिर खान ने अपनी बेटी के साथ खेलते हुए तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर पर लोगों ने इतने घटिया कमेंट किए, जो कोई सोच भी नहीं सकता। लोगों ने ये तक कह दिया कि पिता-बेटी साथ में पोर्न तक बना लें। ये लोग किसी भी सेलिब्रिटी की तस्वीर पर फेक आईडी के पीछे छिपकर कमेंट करते हैं। 

मैं इन ट्रोल करने वालों से ये पूछना चाहती हूं कि कौन हो तुमलोग और किस दुनिया से आए हो? सुहाना अगर पूल में नहाने गई है तो बिकनी नहीं तो क्या बुर्का पहनेगी? आमिर खान ने अपनी बेटी के साथ खेलते हुए कोई तस्वीर शेयर की या किसी सेलेब्रिटी ने कुछ पोस्ट किया हो तो धर्म के ठेकेदारों को ये राइट किसने दे दिया कि आप किसी के सोशल मीडिया प्रोफाइल में जाकर कुछ भी लिखेंगे। अगर आपको उनकी चीज नहीं पसंद आ रही है तो आप डिस्लाइक करें या अनफॉलो करें। लेकिन गालियां देना कहां तक उचित है। 

ये ट्रोल करने वाले वैसे ही लोग हैं जो अपने घर में बेटियों का दबा कर रखते हैं, जिनके यहां सिखाया जाता है कि लड़की जवान होते ही दुपट्टा लेकर चले, बाप-भाई से दूरी बनाकर रहने के लिए कहा जाता होगा। ऐसे घरों में बेटियां पिता के गले तब ही लगती होगी जब उनकी विदाई होती है। बदनसीब हैं वो पिता जो धर्म और जाति के नाम पर अपनी बेटियों की आजादी कैद कर देते हैं। लड़कियों के पहनावे से उनके धर्म की तुलना करने वाले ठेकेदारों पहले अपने गिरेवान में झाक कर देखों, तब समझ आएगा। फेक आइडी के पीछे छिपकर कमेंट में घटियापन दिखाना बहुत आसान है। हिम्मत है सामने आकर ये बात कहो। 
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