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राष्ट्रीय टीकाकरण दिवसः लाखों जिंदगियां बचाने का संकल्प 

By योगेश कुमार गोयल | Updated: March 16, 2026 05:35 IST

National Vaccination Day: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुरुआत भले ही बच्चों की वैक्सीन के साथ हुई हो लेकिन इसका महत्व सभी के लिए है.

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ठळक मुद्देNational Vaccination Day: विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रह पाते हैं.National Vaccination Day: लोगों को स्वस्थ रहने के लिए भी प्रोत्साहित करता है.National Vaccination Day: बड़े-बुजुर्गों के लिए भी बेहद जरूरी होती है.

National Vaccination Day: भारत में लोगों को टीकाकरण का महत्व बताने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 16 मार्च को ‘राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस’ मनाया जाता है. दरअसल टीकाकरण कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए बेहद जरूरी होता है. हमारे आसपास के वातावरण में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया अक्सर हमें अपनी चपेट में लेकर बीमार कर देते हैं, ऐसे में वैक्सीन इन वायरस अथवा बैक्टीरिया के खिलाफ हमारी रक्षा करते हुए कई गंभीर बीमारियों से बचाती हैं और टीकाकरण की मदद से ही हम विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रह पाते हैं.

यह दिवस मनाने का उद्देश्य गंभीर बीमारियों से लड़ने के लिए टीकाकरण के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करना है, साथ ही यह प्रत्येक बच्चे के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों और फ्रंटलाइन हैल्थ केयर वर्कर्स की कड़ी मेहनत को सराहने का भी अवसर है. यह अवसर टीकाकरण की आवश्यकता को दर्शाते हुए लोगों को स्वस्थ रहने के लिए भी प्रोत्साहित करता है.

टीकाकरण दिवस एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य नीति निर्माताओं, स्वास्थ्य देखभाल श्रमिकों, साथ ही अन्य हितधारकों और उनके काम की योग्य मान्यता को प्रोत्साहित करना है. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुरुआत भले ही बच्चों की वैक्सीन के साथ हुई हो लेकिन इसका महत्व सभी के लिए है.

दरअसल वैक्सीन केवल बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि बड़े-बुजुर्गों के लिए भी बेहद जरूरी होती है. वैक्सीन का विकास मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाता है. वैक्सीन न केवल बच्चों को बल्कि बड़ों को भी कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार साबित होती है. वैक्सीन कई खतरनाक और गंभीर बीमारियों को रोकने का एक प्रभावी माध्यम है.

टीकाकरण न केवल गंभीर बीमारियों के प्रसार को घटाता है बल्कि वैक्सीन शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ाती है. टीकाकरण मूल रूप से संक्रमित रोगों को फैलने से रोकने के लिए शरीर में इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है, हालांकि हर बीमारी के लिए अलग टीका या वैक्सीन होती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि टीकाकरण की मदद से प्रतिवर्ष 2-3 मिलियन लोगों की जान बचाई जाती है.

प्रतिवर्ष 16 मार्च को ही राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि यह दिन पोलियो बीमारी के खिलाफ भारत की जीत का प्रतीक है. देश में पहली ओरल पोलियो वैक्सीन खुराक देने की शुरुआत 16 मार्च 1995 को हुई थी. उसी के साथ भारत सरकार ने पोलियो को जड़ से खत्म करने का अभियान ‘पल्स पोलियो’ शुरू किया था.

पोलियो के खिलाफ व्यापक रूप से चलाए गए उस अभियान के परिणामस्वरूप ही भारत 2014 में पोलियो मुक्त देश बना था. भारत में पोलियो का आखिरी मामला 2011 में पश्चिम बंगाल में दर्ज किया गया था और 2014 में डब्ल्यूएचओ द्वारा भारत को पोलियोमुक्त राष्ट्र घोषित कर दिया गया था.

टॅग्स :Health and Family Welfare Departmentdelhi
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