इस समय दुनिया के कई विकसित और विकासशील देश भारत से व्यापार समझौते के लिए आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं. हाल ही में 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि इस समय दुनिया में आकार ले रही नई विश्व व्यवस्था भारत की ओर झुकी हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का तेज आर्थिक विकास और महंगाई नियंत्रण एक दुर्लभ संयोग है. भारत का तेजी से बढ़ता मजबूत बुनियादी ढांचा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की रफ्तार, ऊर्जा विकास, नई पीढ़ी की शक्ति, डिजिटल विकास व मैन्युफैक्चरिंग सहित सर्विस सेक्टर की ताकत की वजह से दुनिया के लिए भारत उद्योग-कारोबार और चमकीले बाजार के दृष्टिकोण से आकर्षक देश बन गया है
भारत की भविष्य के लिए तैयार की नई आर्थिक रणनीतियों के मद्देनजर भी दुनिया के विकसित देश बेताबी से भारत के साथ द्विपक्षीय और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. हाल ही में भारत के अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए व्यापार समझौते सहित अन्य व्यापार समझौते भारत के युवाओं और एमएसएमई के लिए अपार अवसरों के द्वारा खोलेंगे.
गौरतलब है कि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (आईटीए) के फ्रेमवर्क के तहत 7 फरवरी को अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. टैरिफ में यह बड़ी कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेंमचेंजर है. इस समझौते से जहां कई क्षेत्रों में भारत से अमेरिका को निर्यात बढ़ेंगे, वहीं भारत में अमेरिका से निवेश भी बढ़ेंगे.
यदि हम भारत-ईयू एफटीए को देखें तो पाते हैं कि इससे भारत और यूरोपीय संघ के छात्रों, मौसमी कामगारों, शोधकर्ताओं और उच्च कुशल पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक गतिशील ढांचे को आकार मिला है.
यह एफटीए भारत-ईयू व्यापार के लिए महज एक व्यापार का रणनीतिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आर्थिक पुनर्व्यवस्था के रूप में भारत और ईयू दोनों के लिए व्यापारिक जोखिम को पुनर्संतुलित करने और बदलते वैश्विक व्यापार वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर देने वाला चमकीला दस्तावेज है.
इस एफटीए के तहत दोनों पक्ष आपसी व्यापार वाली 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क शुरुआत से ही कम या समाप्त कर देंगे, जबकि कुछ अन्य वस्तुओं पर इसे आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा. इसमें कोई दो मत नहीं है कि अमेरिका और ईयू सहित अन्य देशों के साथ भारत के व्यापार समझौते भारत से निर्यात और निवेश बढ़ाने तथा विकास दर को ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उम्मीद करें कि भारत के व्यापार समझौते भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देते हुए भारत को विकसित देश बनाने की डगर पर आगे बढ़ाते हुए दिखाई देंगे.