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Budget 2024 Live Updates: नए बजट से मध्यम वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद, 2012-13 के बाद महंगाई के हिसाब से आयकरदाता और मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली!

By डॉ जयंती लाल भण्डारी | Updated: July 18, 2024 11:15 IST

Budget 2024 Live Updates: सरकार ने विगत वर्षों में जहां गरीबों के लिए ढेर सारी राहतों का ऐलान किया, वहीं कॉर्पोरेट जगत पर भी ध्यान दिया.

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ठळक मुद्देराहत पाने के मद्देनजर सबसे अधिक टैक्स देने वाला मध्यम वर्ग पीछे छूट गया. 18वीं लोकसभा चुनाव के मतदान में मध्यम वर्ग की नाराजगी भी दिखाई दी है. मध्यम वर्ग की जिंदगी को कैसे आसान बनाया जा सके.

Budget 2024 Live Updates: 16 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में केंद्रीय बजट 2024-25 के लिए बजट तैयारी प्रक्रिया का अंतिम चरण पारंपरिक हलवा समारोह के साथ शुरू हुआ. यह उम्मीद की जा रही है कि वर्ष 2012-13 के बाद महंगाई के हिसाब से जिस आयकरदाता और मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली है, अब वित्त मंत्री नए बजट के माध्यम से मध्यम वर्ग की क्रयशक्ति बढ़ा मांग में वृद्धि करके अर्थव्यवस्था को गतिशील करने की रणनीति पर आगे बढ़ते हुए दिखाई दे सकती हैं. इसमें कोई दो मत नहीं कि मध्यम वर्ग को राहत देने को लेकर विशेष रूप से कोरोना महामारी के बाद लगातार मांग तेज हुई है. सरकार ने विगत वर्षों में जहां गरीबों के लिए ढेर सारी राहतों का ऐलान किया, वहीं कॉर्पोरेट जगत पर भी ध्यान दिया.

लेकिन राहत पाने के मद्देनजर सबसे अधिक टैक्स देने वाला मध्यम वर्ग पीछे छूट गया. 18वीं लोकसभा चुनाव के मतदान में मध्यम वर्ग की नाराजगी भी दिखाई दी है. पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक संबोधन में कहा है कि मध्यम वर्ग देश के विकास का चालक है और वह कैसे बचत बढ़ा सके तथा मध्यम वर्ग की जिंदगी को कैसे आसान बनाया जा सके.

इस परिप्रेक्ष्य में रणनीतिकपूर्वक आगे बढ़ा जाएगा. ऐसे में वित्त मंत्री सीतारमण मजबूत वित्तीय मुट्ठी से आयकर के नए और पुराने दोनों स्लैब की व्यवस्थाओं के तहत करदाताओं व मध्यम वर्ग को अभूतपूर्व राहतों से लाभान्वित कर सकती हैं. खासतौर से वेतनभोगी वर्ग को लाभान्वित करने के विशेष प्रावधान नए बजट में दिखाई दे सकते हैं.

इसके तहत मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) सीमा को 50,000 रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए तक किया जा सकता है. ज्ञातव्य है कि वर्ष 2018 में मानक कटौती की सीमा 40 हजार रुपए थी और वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया था. नए बजट के तहत आयकर से संबंधित विभिन्न टैक्स छूटों में वृद्धि की जा सकती है.

मौजूदा समय में धारा 80सी के तहत 1.50 लाख रुपए की छूट मिलती है. इसके तहत ईपीएफ, पीपीएफ, एनएससी, जीवन बीमा, बच्चों की ट्यूशन फीस और होम लोन का मूलधन भुगतान शामिल है. मकानों की बढ़ती हुई कीमत को देखते हुए धारा 80सी के तहत ढाई लाख से तीन लाख की छूट दी जा सकती है.

हम उम्मीद करें कि इस बार वित्त मंत्री नए बजट से ऐसे लोगों को चिन्हित करने की नई रणनीति के साथ दिखाई देंगी, जिससे वास्तविक आमदनी का सही मूल्यांकन हो सके, लोगों के वित्तीय लेनदेन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हो सके. साथ ही जो वास्तविक कमाई से कम पर आयकर देते हैं, उन्हें भी चिन्हित करके अपेक्षित आयकर चुकाने के लिए बाध्य किया जा सके. निश्चित रूप से इससे देश में टैक्स संग्रहण बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

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