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गाड़ी से जुड़े कागजों की वैधता हो गई है खत्म, न हों परेशान, 30 सितंबर तक की मिली छूट, नहीं देना होगा जुर्माना

By रजनीश | Updated: June 10, 2020 10:16 IST

कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को घर से न निकलने और फिजिकल डिस्टेंसिंग की सलाह दी जा रही है। ऐसे में कई लोगों के वाहनों से जुड़े दस्तावेजों की वैधता काफी पहले समाप्त हो गई है और कुछ कि अब और आने वाले दिनों में समाप्त हो जाएगी। डर के कारण लोग कहीं बाहर जा नहीं पा रहे हैं।

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ठळक मुद्देजिन लोगों के वाहन से जुड़े दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो गई है वो ऑफिस के बंद रहने और खुद के सुरक्षा को देखते हुए बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।ऐसी स्थिति में सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों से नियमों में छूट देने और लेट फीस से राहत देने के लिए कहा है।

वाहनों से जुड़े ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स और अन्य कागजों की वैधता को बढ़ा दिया गया है। ये फैसला केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोरोना महामारी को देखते हुए लिया है। 

अब वाहन से जुड़े दस्तावेजों की वैधता को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है। इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। 

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि वाहन से जुड़े ऐसे दस्तावेज जिनकी वैलिडिटी 1 फरवरी के बाद से समाप्त हो गई है उनको 30 सितंबर तक कागजों को बनवाने की छूट है।

लॉकडाउन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय पहले भी दो बार वैलिडिटी बढ़ाने का एलान कर चुकी है। अब कोरोना महामारी के चलते तीसरी बार सरकार को ये कदम उठाना पड़ा है।

पहले सरकार ने वैलिडिटी समाप्त हो चुके कागजों को नवीनीकरण के लिए 30 जून तक का समय दिया था लेकिन कई राज्यों में 30 जून तक लॉकडाउन जारी है।

नहीं लिया जाएगा विलंब शुल्कइसके साथ ही लोगों को ये छूट भी दी गई है कि 1 फरवरी से वैधता समाप्त हो रहे कागजों के नवीनीकरण के लिए कोई भी विलंब शुल्क (लेट फीस) नहीं लिया जाएगा।

मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 21 मई 2020 को एक गजट अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 32 या नियम 81 के तहत 31 जुलाई, 2020 तक की फीस वैधता या अतिरिक्त शुल्क में छूट दी गई थी। 

अब मंत्रालय ने कोरोना को देखते हुए राज्य को मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत उपलब्ध प्रावधानों या अन्य अधिनियमों के तहत परमिट/जुर्माना आदि के लिए शुल्क और करों में राहत देने के लिए कहा है।

टॅग्स :नितिन गडकरी
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