नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनते ही बिहार में तेज सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?
वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
भारत द्वारा इस समझौते के बहिष्कार से सभी देश प्रभावित हो रहे हैं. सभी चाहते हैं कि भारत इसमें फिर से लौटे. वे किसी न किसी तरह भारत की शर्तों को जरूर मानेंगे. ...
विश्व व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा इसी बाजार में होगा. लगभग साढ़े तीन अरब लोग इन्हीं देशों में रहते हैं. इन देशों के बीच अब जो भी व्यापार होगा, उसमें से 90 प्रतिशत तक चीजें ऐसी होंगी, जिन पर कोई तटकर नहीं लगेगा. वे एक-दूसरे से चीजें मंगाकर तीसरे देशों ...
भाजपा को रोकने के लिए राकांपा और कांग्रेस, शिवसेना को अपने कंधे पर जरूर बिठा सकती हैं लेकिन उसे वे कब और कितने गहरे में पटकेंगी इसकी कल्पना शिवसेना के नेता अभी नहीं कर पा रहे हैं. ...
सरकारी दफ्तर अब 9.30 के बजाय 10.30 पर खुलने लगे हैं. कई कारखाने बंद कर दिए गए हैं. पराली जलानेवाले किसानों पर जुर्माना ठोंक दिया गया है. लोगों को ज्यादा वक्त घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है. ...
देश के ऐसे कई पत्नकारों, प्रोफेसरों, समाजसेवियों, वकीलों के नाम उजागर हुए हैं, जिनके मोबाइल फोन को अप्रैल-मई के महीनों में टेप किया गया है. कांग्रेस का आरोप है कि यह भाजपा सरकार ने करवाया है और नागरिकों की निजता व गोपनीयता भंग करने के लिए भाजपा सरकार ...
भारत के प्रधानमंत्नी को ही उद्घाटन-भाषण के लिए आमंत्रित किया गया. कई महत्वपूर्ण देशों ने इस सम्मेलन की उपेक्षा की लेकिन भारत और सऊदी अरब एक-दूसरे के बहुत नजदीक आ गए. अब सऊदी अरब भारत में लगभग 100 अरब डॉलर की पूंजी लगाना चाहता है. इस समय भारत-सऊदी व्य ...
यूरोपीय सांसदों के कश्मीर-भ्रमण के समाचार अखबारों के पिछले पृष्ठों पर सरक गए. जो लोग मारे गए, वे कौन थे? वे सब पश्चिम बंगाल के नागरिक थे और रोजी-रोटी कमाने कश्मीर आए थे. ...
धर्म के नाम पर चलनेवाले आतंकवाद को रोकने के लिए कुछ और भी बुनियादी कदम उठाने पड़ेंगे. सबसे पहले तो यह समझना होगा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा कलंक है. आपके नाम में यदि कोई अरबी या फारसी का शब्द आ जाए तो बस इतने भर से ही आप पर शक की निगाहें उठने लग ...