नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनते ही बिहार में तेज सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?
वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
इस प्रधान की घोषणा तो हो गई. अब उनके भावी कदमों पर नजर रहेगी. यह ठीक है कि अब जनरल बिपिन रावत परमाणु कमान के सदस्य भी बन जाएंगे लेकिन उनकी हैसियत क्या होगी? यहां सवाल यह भी है कि इन नए फौजी-प्रमुख की हैसियत क्या रक्षा मंत्नी के सिर्फ प्रमुख सलाहकार क ...
हरियाणा में यदि चौटाला-पार्टी का टेका नहीं मिलता तो वहां से भी भाजपा गई थी. सिर्फ उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे बड़े प्रांतों में भाजपा अपने दम पर टिकी हुई है. कर्नाटक में भी किसी तरह गाड़ी चल रही है. यदि इन प्रांतों में भी आज चुनाव हो जाएं तो क्या होग ...
राष्ट्रपति अशरफ गनी को 50.64 प्रतिशत वोट मिले हैं और प्रधानमंत्नी या मुख्य कार्यकारी डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला को 39.52 प्रतिशत वोट मिले हैं. तीसरे नंबर पर रहे हैं- गुलबदीन हिकमतयार, जिन्हें सिर्फ 3.8 प्रतिशत वोट मिले. बाकी 11 उम्मीदवारों को कुछ-कुछ हज ...
इसमें शक नहीं कि यह बात ठीक है लेकिन क्या भारत की कोई सरकार जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव करे तो उसका कुर्सी पर टिके रहना असंभव नहीं हो जाएगा? यह जो नागरिकता संशोधन कानून सरकार ने बनाया है, इसका दोष यही है कि इसमें धार्मिक आधार पर स्पष्ट भेदभाव है. ...
इस समय ट्रम्प-विरोधी डेमोक्रेट्स को सीनेट में दो-तिहाई तो क्या, बहुमत भी हासिल नहीं है. सीनेट के 100 सदस्यों में से 53 रिपब्लिकन हैं यानी ट्रम्प का स्पष्ट बहुमत है. ...
नागरिकता (संशोधन) कानून को पिछले हफ्ते तक सिर्फ मुस्लिम-विरोधी बताया जा रहा था लेकिन अब मालूम पड़ रहा है कि बंगाल और पूर्वोत्तर के सभी प्रांतों के अन्य वर्गो के लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं. ...
पाकिस्तान के एक हिंदू सांसद और एक हिंदू विधायक ने इस नए कानून की निंदा कर दी है. अभी तक अफगानिस्तान की प्रतिक्रि या नहीं आई है, क्योंकि उसके राष्ट्रपति और प्रधानमंत्नी, दोनों ही भारत के पुराने मित्न हैं. ...