वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संगठन तो उसके पीछे पड़ा ही है लेकिन महंगाई लोगों का दम निकाल रही है. गेहूं का आटा 70 रु. किलो हो गया है. तंदूर की रोटी के दाम डेढ़ गुना हो गए हैं. सब्जी के दाम भी आसमान छू रहे हैं. इमरान खान प्रधानमंत्री तो बन गए लेकिन शुरू से ...
केरल के कायमकुलम कस्बे के मुसलमानों ने सांप्रदायिक सद्भाव की ऐसी मिसाल कायम की है, जो शायद पूरी दुनिया में अद्वितीय है. उन्होंने अपनी मस्जिद में एक हिंदू जोड़े का विवाह करवाया. विवाह याने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मंत्र-पाठ, पूजा, हवन, दीप प्रज्ज्वलन ...
भारत में हमारी सरकारें कमाल के आंकड़े उछालती रहती हैं. वे अपनी पीठ खुद ही ठोंकती रहती हैं. वे दावे करती हैं कि इस साल में उन्होंने इतने करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर उठा दिया है. इतने करोड़ लोगों में साक्षरता फैला दी है लेकिन दावों की असलियत तब उज ...
असलियत तो यह है कि देश में सर्वत्न इस कानून के विरोध में जो नौजवान नारे बुलंद कर रहे हैं, उनको प्रेरणा कांग्रेस या किसी अन्य संगठन ने नहीं दी है. नौजवानों की यह बगावत स्वत:स्फूर्त है. ...
बड़े पैमाने पर अवैध भवन गिरवाने की कार्रवाई पहली बार हुई है. अभी तो ऐसे सिर्फ चार भवन ही गिरे हैं, देश में ऐसे हजारों अवैध भवन हैं, जिन्हें तुरंत गिराया जाना चाहिए. कई पड़ोसी देशों का हाल हमसे भी बुरा है. ऐसे अवैध भवनों से प्राकृतिक संपदा की हानि तो ...