वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
कोरोना मरीजों की एकांत चिकित्सा के लिए दर्जनों शहरों और रेल के डिब्बों में हजारों जगहें बना ली गई हैं. दुनिया के कई देश अब भारत से दवाइयां मंगा रहे हैं. भारत इन सब कोरोनाग्रस्त देशों का तारणहार-सा बन गया है. ...
क्या लॉकडाउन एकदम उठा लिया जाए? यह अब तक शायद उठा लिया जाता लेकिन कोरोना अब गांव-गांव तक फैल गया है। जिस बीमारी ने शुरू में सिर्फ विदेश यात्रियों और उनके निकट लोगों को छुआ था, वह अब रिक्शावालों, रेहड़ीवालों और झोपड़पट्टीवालों तक फैल गई है। ...
देश के प्रधानमंत्नी और मुख्यमंत्रियों से भी अपेक्षा है कि वे देश की सभी पंचायतों, नगरपालिकाओं, नगर निगमों और विधानसभाओं के सदस्यों से कहें कि वे अपने-अपने निर्वाचन-क्षेत्नों में जाएं और हर घर को मुफ्त राशन बंटवाएं. वे हर घर पर जैसे वोट लेने जाते हैं, ...
इस वक्त कोरोना किसी न किसी रूप में सारे भारत में फैल गया है. केरल से कश्मीर और गुजरात से मणिपुर तक उसने लगभग सभी प्रांतों को छू लिया है. लोग भयभीत तो हो ही गए हैं. ...
मध्य प्रदेश में वही हुआ, जो अपेक्षित था. कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपने इस्तीफे में अगले मुख्यमंत्नी को शुभकामना भी दे दी है. जाहिर है कि शीघ्र ही मध्य प्रदेश में भाजपा का शासन शुरू हो जाएगा. भाजपा की सरकार तो बन जाएगी लेक ...
फारूक ने रिहा होने के बाद कोई भी उत्तेजक बयान नहीं दिया है बल्कि उन्होंने सभी कश्मीरी नेताओं को रिहा करने की मांग की है ताकि कश्मीर के पूर्ण विलय पर सबके बीच सार्थक संवाद हो सके. यह संवाद जम्मू-कश्मीर की अपनी पार्टी ने शुरू भी कर दिया है. ...
मैं पूछता हूं कि जो प्राणघातक हिंसा करते हैं, उन्हें सजा का कानून है तो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा क्यों नहीं मिलनी चाहिए? उन्हें सजा भी मिले और उन्होंने जो नुकसान किया है, उसका हर्जाना भी उनसे वसूल क्यों न किया जाए? ...
सबसे बड़ी बात, जिसने मेरा ध्यान खींचा, वह यह थी कि 122 जोड़ों की शादी में लगभग दर्जन भर जोड़े मुसलमान थे और एक जोड़ा ईसाई था. इनकी शादियां करवाने के लिए मौलवी और पादरी भी पंडितों की तरह एक ही शामियाने के नीचे डटे हुए थे. ...