वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले तो चीन के प्रति नरम-गरम रवैया अपनाया लेकिन कोरोना महामारी के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराकर उन्होंने उसके विरुद्ध खुला वाक् युद्ध छेड़ दिया. अब वे चाहते हैं कि चीन को सबक सिखाया जाए. ...
ट्रम्प ने बिडेन को कहा कि आपने (सांसद और उप-राष्ट्रपति रहते हुए) 47 साल में जो कुछ किया, उससे ज्यादा मैंने सिर्फ 47 माह में कर दिखाया तो बिडेन ने कह दिया कि आप (तुम) अमेरिकी इतिहास के सबसे घटिया राष्ट्रपति रहे हो. दोनों गंभीरता से किसी विषय पर बोलने ...
राज्य सभा में इस बार जो भी कुछ हुआ, उससे संसद की गरिमा गिराई गई है. कृषि विधेयकों का सीधा असर देश के 80-90 करोड़ लोगों पर पड़ना है. इन विधेयकों विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होनी चाहिए थी. ...
हिंदी-दिवस को सार्थक बनाने के लिए अंग्रेजी के सार्वजनिक प्रयोग पर प्रतिबंध की जरूरत क्यों है? इसलिए नहीं कि हमें अंग्रेजी से नफरत है. कोई मूर्ख ही होगा जो किसी विदेशी भाषा या अंग्रेजी से नफरत करेगा. ...
पिछले कई महीने से जेल में बंद डॉ. कफील खान को रिहा कर दिया गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस संबंध में आदेश दिए. उन्हें रिहा किए जाने के साथ ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. ...
महात्मा गांधी और डॉ. राममनोहर लोहिया अंग्रेजी हटाओ आंदोलन के प्रणोता थे लेकिन गांधीजी और लोहियाजी क्रमश: ‘यंग इंडिया’ और ‘मैनकाइंड’ पत्रिका अंग्रेजी में निकालते थे. उनके बाद इस आंदोलन को देश में मैंने चलाया लेकिन मैं जवाहरलाल नेहरू विवि और दिल्ली में ...