वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
किसानों का आंदोलन लंबे समय से जारी है. ऐसे में सरकार के लिए जरूरी है जल्द ही इन्हें खत्म कराया जाए. केंद्र सरकार इन कानूनों को मानने या न मानने की छूट राज्यों को क्यों नहीं दे देती? ...
व्लादिमीर पुतिन के एकछत्न राज्य में यह सब क्यों हो रहा है? यह हो रहा है, एलेक्सी नवलनी के नेतृत्व में. नवलनी कौन है? यह 46 साल का चिर-युवा है, जिसने सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी अभियान चला रखा है और जिसे अगस्त 2020 में जहर देकर मारने की कोशिश ...
म्यांमार की फौज ने यह तख्ता इतनी आसानी से इसीलिए पलट दिया है कि वह पहले से ही सत्ता के तख्त के नीचे घुसी हुई थी. 2008 में उसने जो संविधान बनाया था, उसके अनुसार संसद के 25 प्रतिशत सदस्य फौजी होने अनिवार्य थे। ...
अफगानिस्तान अमेरिका और पूरे दक्षिण एशिया के लिए ये जरूरी होगा कि जो बाइडेन प्रशासन अपने सैनिकों को वहां से निकालने की जल्दबाजी नहीं करे. बाइडेन प्रशासन को धैर्य रखने की जरूरत है। ...
देश गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी में जुटा है. इस बीच किसानों का आंदोलन भी जारी है. सरकार ने विरोध देखते हुए कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक टालने का भी प्रस्ताव रख दिया है. वहीं, किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. ...
अंग्रेजों ने सिंध को जबर्दस्ती पाकिस्तान में मिला लिया और अब पाकिस्तान सिंध के द्वीपों, बंदरगाहों और सामरिक क्षेत्नों को चीन के हवाले करता जा रहा है. सिंधी आंदोलनकारियों का मानना है कि जैसे 1971 में बांग्लादेश आजाद हुआ है, वैसे सिंध भी आजाद होकर रहेग ...