वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
हमारे भारत के लोग जरूरत से ज्यादा सहनशील हैं. वे अपने विधायकों और सांसदों का घेराव क्यों नहीं करते? वे उन्हें इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने के लिए बाध्य क्यों नहीं करते? ...
100 एकड़ वन्य क्षेत्न में बने ये मकान पंजाब भू-रक्षण अधिनियम 1900 के विरुद्ध हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में वृक्ष आदि उगाने के अलावा कोई और काम नहीं हो सकता. ...
तालिबान के जितने भी गुट हैं, वे सब पाकिस्तान में स्थित हैं. पाकिस्तान खुले में तो तालिबान का विरोध करता है लेकिन ये भी सच है कि उसने तालिबान को अपनी अफगान-नीति का मुख्य अस्त्र बना रखा है. ...
केरल के लोग काफी अच्छी हिंदी बोलते हैं और इसे लेकर हमें गर्व होना चाहिए. शर्म दरअसल हिंदीभाषियों को आनी चाहिए जो दक्षिण या पूरब की एक भी भाषा न बोलते हैं और न ही समझते हैं. ...
भाजपा के पास आज एक भी नेता ऐसा नहीं है, जो विदेश के मामलों को ठीक से समझता हो. यदि ऐसा होता तो भारत सरकार अफगानिस्तान की डोर को अपने हाथ से फिसलने नहीं देती. ...