पवन ऊर्जा की सप्लाई चेन में रुकावट की वजह से 2030 के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में बाधा आ सकती है और इसके चलते-2050 तक नेट-जीरो तक पहुंचने की दुनिया की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। ...
साल 2047 तक भारत अपना ऊर्जा आत्मनिर्भरता का सपना सच कर सकता है. दरअसल अमेरिकी ऊर्जा विभाग के लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी (बर्कले लैब) द्वारा जारी पाथवेज टु आत्मनिर्भर भारत नाम के एक नए अध्ययन के अनुसार भारत में सस्ती होती क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी और ...
अफ्रीका में, वहां की चीफ हीट ऑफिसर यूजेनिया कारगबो के एजेंडे में हीटवेव अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करना, हीट-रेजिलिएंट बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन करना, अत्यधिक गर्मी के खतरों के बारे में जन-जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देना, गर्मी से संबंधि ...
हाल के दिनों में कई लोगों ने प्राकृतिक परिवर्तनशीलता के प्रभाव को नजरअंदाज करते हुए जलवायु परिवर्तन को हर मौसम की विसंगति का श्रेय देना शुरू कर दिया है. ...
अल नीनो को खराब मानसून से जोड़ कर देखा जाता है. इसे एक खतरे के तौर पर देखा जाता है. आंकड़ों बताते हैं कि अल नीनो वर्ष होने पर देश में सूखा पड़ने की आशंका करीब 60 प्रतिशत होती है ...
भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर और पवन बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है. इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है. ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है.ग्लोबल सोलर पावर ट्रैक ...
तापमान में जैसे-जैसे गिरावट आती है, नमी की मात्रा बढ़ने से ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं भी भारी हो जाती हैं. इससे पृथ्वी की सतह के करीब प्रदूषकों को बांध रखने के लिए हवाओं की क्षमता भी बढ़ जाती है. ...
उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव आशीष तिवारी का कहना है कि आज हम न सिर्फ पाॅल्यूशन सोर्सेज का पता लगा पा रहे हैं, बल्कि पाॅल्यूशन डाटा की माइक्रो लेवल एनालिसिस भी कर पा रहे हैं। ...